MP News: मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शपथ ग्रहण के बाद से ही प्रदेश भर में “लाडली बहना योजना चालू रहेगी या नहीं” ये सवाल हर कोई पूछ रहा हैं. वैसे, अभी तक तो सरकार की तरफ से इस सवाल के जवाब में कोई साफ़ रूख सामने नहीं आया हैं.
हालांकि, सागर जिला कार्यालय अधिकारी, महिला एवं बाल विकास की तरफ से जारी एक आदेश से प्रदेश की सियासत में फिर से वहीं लाडली बहनों को लेकर सवाल ज़रूर उठने लगे थे. जिसके बाद आनन-फ़ानन में सागर कलेक्टर द्वारा आदेश निरस्त कर दिया गया.

अब आते हैं उस आदेश की तरफ जिसे निरस्त किया गया है. साथ ही उन कारणों पर भी नज़र डालेंगे जिनकी वजह से इस आदेश को तुरंत निरस्त करना पड़ा. दरअसल, सागर जिले में जारी हुए आदेश का मतलब था कि यदि कोई पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका या स्व सहायता समूह की महिला 'लाडली बहना योजना' का लाभ उठा रही है तो 15 दिनों के अंदर परित्याग कर दें, अन्यथा शर्तों से वितरित लाभ लेने पर आपके विरुद्ध कार्यवाही के लिए आप स्वयं जिम्मेदार होंगे.
जारी आदेश पर शुरू हुई सियासत-
प्रदेश में लाडली बहना योजना पर जारी चर्चाओं के बीच यह आदेश देखते ही देखते सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया. जिसके बाद सियासी भूचाल आना तो मानों लगभग तय ही था.
इस आदेश के ज़रिये मौका मिलते ही प्रदेश कांग्रेस ने तो बड़ा दावा तक करते हुए कहा कि लाडली बहना योजना में छँटनी शुरू, धीरे-धीरे सरकार योजना बंद करने की तैयारी में हैं. लाड़ली से ठगी आने लगी सामने, हे! सरकार, बंद करों ठगी का कारोबार.

अब ये तो होना ही था.. क्योंकि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान शिवराज की लाडली बहना योजना ने भी बड़ा रोल प्ले करते हुए कांग्रेस का सूपड़ा साफ़ कर 163 सीटों पर बीजेपी को प्रचंड जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई थी.
जीत के बाद पूर्व सीएम शिवराज सिंह को भले ही पार्टी ने किनारे कर दिया हो, पर लाडली बहना योजना पर मोहन यादव सरकार की चुप्पी बताती है कि प्रदेश में बीजेपी की जीत के पीछे लाडली बहनाओं ने ज़रूर बड़ा रोल प्ले किया हैं. तभी तो नई सरकार अभी कुछ भी कहने से कतरा रहीं हैं.
आदेश तत्काल प्रभाव से किया गया निरस्त-
इस आदेश को रद्द करने के पीछे की वजह यही हैं कि लाडली बहना योजना पर नई नवेली सरकार का एक ग़लत कदम या बयान कई सवाल खड़े कर सकता है. शायद तभी आदेश पर सियासत शुरू होते ही सागर कलेक्टर द्वारा तुरंत (X) यानी ट्विटर पर एक पोस्ट शेयर कर दी गई.

जिसमें @collectorsagar पेज पर पोस्ट में लिखा गया, महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी ग्रामीण-02 द्वारा जारी किया गया आदेश जो लाडली बहना योजना के लाभ परित्याग से संबंधित है, उसे जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा तत्काल प्रभाव से निरस्त किया गया है. परंतु इस आदेश पर सीएम मोहन यादव की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई हैं.