MP Election 2023: मध्य प्रदेश विधानसभा के चुनावी रण में वायरल पत्र से हलचल मची हुई है. नवरात्रि के पहले दिन यानी कल (15 अक्टूबर) कांग्रेस ने अपने 144 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की. जिसके बाद सोशल मीडिया के ज़रिये सामने आये एक पत्र से सियासत शुरू हो गई.

दरअसल, ये कोई सामान्य पत्र नहीं था बल्कि कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा पार्टी से इस्तीफ़े से जुड़ा हुआ था. जिस पर बीती रात से ही सियासत जारी हैं.

इस वायरल पत्र पर सियासत

हालांकि, दिग्विजय सिंह ने इस पत्र को फ़र्जी बताते हुए बीजेपी पर निशाना साधा हैं. उन्होंने ट्विटर के ज़रिये लिखा, बीजेपी झूठ बोलने में माहिर है. मैंने 1971 में कांग्रेस की सदस्यता ली थी. पद के लिए नहीं बल्कि विचारधारा से प्रभावित होकर जुड़ा था और जीवन की आखिरी साँस तक कांग्रेस में रहूँगा. इस झूठ की मैं पुलिस में शिकायत दर्ज कर रहा हूँ.

दिग्विजय सिंह ने वायरल पत्र के खंडन के बाद DGP को प्रेषित आवेदन देकर कहा, क्या आप इन झूठे लोगों पर F.I.R दर्ज करेंगे?⁦ उन्होंने बीजेपी प्रवक्ता हितेश वाजपेयी पर षड्यंत्र करने का आरोप लगाया है. पत्र को फ़र्जी बताते हुए कई कांग्रेसी नेताओं ने भी F.I.R की मांग की है.

बीजेपी ने दिग्विजय सिंह पर साधा निशाना-

दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर इस्तीफ़े का फ़र्जी पत्र वायरल करने का आरोप लगाया हैं. इसको लेकर बीजेपी ने भी उन्हें घेरना शुरू कर दिया है. बीजेपी की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा, कल दिग्विजय सिंह ने अपने इस्तीफे का फर्जी पत्र जारी किया और बीजेपी पर झूठा आरोप लगा रहे हैं.

वीडी शर्मा बोले, उनकी कांग्रेस नेतृत्व नहीं सुन रहा है, इसलिए अपनी बात दूसरे तरीके से पहुंचा रहे है. प्रदेश की जनता यह अच्छे से जानती है कि झूठ बोलना और फर्जी ट्वीट करना कांग्रेस नेताओं की पुरानी आदत है. करप्शन नाथ और मिस्टर बंटाधार यह अच्छी तरह से समझ लें कि आपकी झूठ की दुकान अब मध्य प्रदेश में बिल्कुल भी नहीं चलेगी. इस विधानसभा चुनाव में जनता आपके झूठ, छल और कपट का हिसाब जरूर करेगी. कांग्रेस को पूरी तरह से बाहर का रास्ता दिखाएगी.