Rajasthan High Court: राजस्थान में नई सरकार के गठन के बाद शनिवार को हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई. जिसमें दीया कुमारी और प्रेम चंद बैरवा के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ता ने दावा किया कि संविधान इस पद को मान्यता नहीं देता है.
इतना ही नहीं याचिकाकर्ता के वकील ओम प्रकाश सोलंकी ने तो याचिका में नियुक्तियों को रद्द करने की मांग तक उठा दी. उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री पद असंवैधानिक है क्योंकि भारत के संविधान में ऐसे किसी पद का उल्लेख नहीं है. फ़िलहाल, अब इस याचिका पर सुनवाई के दौरान राजस्थान हाई कोर्ट की तरफ से क्या फैसला सुनाया जाता हैं. इस पर सबकी नज़र टिकी हुई हैं.
बता दें कि हाल ही में हुए राजस्थान विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 115 सीटों पर जीत हासिल की है. वहीं, कांग्रेस को 69 सीटें मिलीं. राज्य की 200 में से 199 सीटों पर मतदान हुआ था. एक सीट पर उम्मीदवार के निधन की वजह से चुनाव टाल दिया गया था.
हाई कोर्ट में दायर हुई इस याचिका से ठीक दो दिन पहले यानी शुक्रवार को जयपुर के अलबर्ट हॉल में आयोजित शपथ ग्रहण कार्यक्रम में राज्यपाल कलराज मिश्र ने भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. उसके बाद दीया कुमारी और प्रेम चंद बैरवा को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई. जिसको लेकर अब हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है.