भोपाल: राज्य शासन ने जल संसाधन विभाग के बालाघाट जिले के बैहर में पदस्थ अनुविभागीय अधिकारी उदय सिंह परते को एक वार्षिक वेतन वृध्दि रोकने के दण्ड से दण्डित करने के आदेश को सुनवाई के बाद निरस्त कर दिया है और प्रकरण खत्म कर दिया है।

इस संबंध में जारी आदेश में बताया गया है कि उदय सिंह परते को तत्कालीन प्रमुख सचिव, जल संसाधन विभाग द्वारा निर्माणाधीन योजनाओं की विभागीय समीक्षा के दौरान पद्दीनाला जलाशय के कार्यों से संबंधित सामान्य जानकारी नहीं होना पाए जाने के कारण प्रमुख अभियंता, जल संसाधन विभाग के आदेश 4 नवम्बर 2015 द्वारा एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोके जाने की शास्ति से दण्डित किया गया था। परते द्वारा उक्त आदेश के विरूद्ध अपर मुख्य सचिव, जल संसाधन विभाग को अपील प्रस्तुत की गई। जिस पर सुनवाई की गई एवं अभिलेखों का परीक्षण किया गया।

परीक्षण उपरांत पाया गया कि विभागीय समीक्षा बैठक में पद्दीनाला जलाशय के कार्य की प्रगति एवं मशीनों की क्षमता संबंधी वांछित जानकारी अपीलार्थी सही तरीके से प्रस्तुत करने में असमर्थ रहे जिसका मुख्य कारण यह था कि अपीलार्थी को उक्त अनुविभाग का अतिरिक्त प्रभार प्राप्त किए हुए मात्र 5 दिवस ही हुए थे जिस कारण वे समीक्षा बैठक में सही जानकारी नहीं दे पाये। परते के विरुद्ध व्यवहारित इस प्रकरण में शासन को कोई वित्तीय हानि नहीं हुई है एवं न ही उनके द्वारा किसी प्रकार की प्रशासकीय अनियमितता की गई है। इसलिए उनकी वेतन वृद्धि रोकने के दण्ड को निरस्त कर दिया गया है।