मुकेश खन्ना ने एक वीडियाे जारी कर रत्ना शाह के लिए कहा कि आप क्या समझती हैं, आप पढ़ी-लिखी हैं? आपको पता है, पढ़ी-लिखीं औरतें छोड़िए, गांव की औरतें छोड़िए, अनपढ़ औरतें छोड़िए, बड़े-बड़े घरों की औरतें तक करवाचौथ रखने में गर्व महसूस करती हैं। इस खूबसूरत त्योहार को आप अंधविश्वास कहती हो! चलिए अंधविश्वास ही सही। लेकिन यदि पत्नी अंधविश्वास में रहकर भी अपनी पति के सुख के लिए, अपने पति की जिंदगी के लिए अगर एक दिन का व्रत रखती है और चंद्रमा को देखने के बाद अपने व्रत को पूर्ण करती है तो इससे ज्यादा खूबसूरत बात और क्या हो सकती है?”
अभिनेता आगे कहते हैं, “ये पढ़े लिखे लोग अपने आप को इतना पढ़ा-लिखा समझते हैं कि राष्ट्र विरोधी और धर्म विरोधी बातें करते हैं। क्या मैं ये मानलूं की धर्म आपके ऊपर हावी हो गया है, जिसको आपने शादी में अपनाया है? यदि ऐसा है तो आप अपने नाम के आगे पाठक क्यों लिखती हैं? हटा दीजिए न इस शब्द को।”
मुकेश खन्ना ने दो टूक कहा कि आप मूर्ख हैं। क्या पढ़ाई आपको यह सब सिखाती है? किस तरह की पढ़ाई की है ये आपने? किन किताबों में ऐसा लिखा हुआ है कि जो कुछ भी हिंदू धर्म में हो रहा है वो अंधविश्वास है और जो कुछ भी दूसरे किसी धर्म में हो रहा है वो अंधविश्वास नहीं। यानी हम लोग सब अंधविश्वास में जी रहे हैं? बता दूं हमारी आस्था आप लोगों से ज्यादा अच्छी है। हमारा धर्म आस्था पर चलता है।