भोपाल : प्रदेश के राजस्व विभाग का नाम बदला जायेगा तथा इसका नया नामकरण भूमि संसाधन विभाग होगा। ऐसा इसलिये क्योंकि केंद्र सरकार में भी इसी भूमि संसाधन नाम से विभाग है। दरअसल, मुख्यमंत्री ने विभागीय समीक्षा बैठक में निर्देश दिये थे कि राजस्व विभाग का नाम वर्तमान में किये जा रहे कार्यों को ध्यान में रख कर परिवर्तित किया जाये एवं आयुक्त भू-अभिलेख कार्यालय और प्रमुख राजस्व आयुक्त कार्यालय का एकीकरण किया जाये। इस पर मुख्य सचिव के समक्ष राजस्व विभाग ने नये नामकरण का प्रस्ताव प्रस्तुत कर दिया है जिसमें राजस्व विभाग का नाम बदलकर भूमि संसाधन विभाग करने की बात कही गई है।
साथ ही भू-अभिलेख एवं प्रमुख राजस्व आयुक्त कार्यालय के एकीकरण का भी प्रस्ताव दे दिया है जिसमें उक्त दोनों कार्यालयों का एक ही आयुक्त होगा तथा दोनों कार्यालयों के कामकाज हेतु एक-एक अपर आयुक्त नियुक्त किये जायेंगे। इस एकीकरण के पीछे कारण यह है कि दोनों कार्यालयों के कामकाज में अधिकारों को लेकर विसंगति उत्पन्न हो रही है। फिर भू अभिलेख कार्यालय का मुख्यालय ग्वालियर में है जबकि उससे संबंधित कामकाज के लिये भोपाल स्थित मंत्रालय में बार-बार आने में परेशानियां आती हैं। अब जल्द ही नये नामकरण एवं दो कार्यालयों के एकीकरण के प्रस्ताव स्वीकृति मिल जायेगी। इसके लिये मामला केबिनेट के समक्ष जायेगा।
अगले साल होगा नगरीय क्षेत्रों की भूमि का सर्वे :
राजस्व विभाग आबादी क्षेत्र के सर्वेक्षण के लिये समस्त ग्रामों का ड्रोन फ्लाई दिसम्बर 2022 तक पूरा करेगा तथा अधिकार अभिलेख बनाने की कार्यवाही मार्च 2023 तक पूर्ण करेगा। नगरीय क्षेत्रों का सर्वेक्षण वित्तीय वर्ष 2023-2024 में किया जायेगा और नगरीय भू-अधिकार अभिलेख बनाये जायेंगे।
भूमि उपयोग की जानकारी सेवा के रुप में देंगे :
राजस्व विभाग भूमि उपयोग की जानकारी एक सेवा के रूप में प्रदाय करने हेतु नगरीय प्रशासन विभाग तथा वन विभाग से समन्वय कर कार्यवाही कर रहा है। नगरीय सर्वेक्षण के पायलट चरण का कार्य पूर्ण होने के उपरांत सीमांक एप्प के माध्यम से यह सेवा प्रदान करने की कार्य योजना बनाई जाएगी। भूमि उपयोग की जानकारी मिलने से आवेदक को उस भूमि की स्थिति जानने के लिये अलग से सर्च रिपोर्ट तैयार नहीं कराना होगी।
बनेंगे हर गांव में राजस्व मित्र :
राजस्व विभाग की अधिकांश सेवायें ऑनलाईन या डिजिटल हो गयी हैं। इसलिये इन्हें आम जनता तक सुलभता से उपलब्ध कराने हेतु प्रत्येक ग्राम पंचायत पर एक नागरिक को प्रशिक्षित कर यह सेवायें आमजन तक पहुंचाई जायेंगी। राजस्व विभाग की सेवाओं को आम जनता तक सुलभता से उपलब्ध कराने हेतु विभाग प्रत्येक पंचायत पर एक राजस्व मित्र नियुक्त किये जाने की कार्ययोजना पर कार्य कर रहा है।