भोपाल: सागर में टिंबर माफिया सक्रिय है. सागर अनुसंधान एवं विस्तार सर्किल में लंबे समय से चंदन की लकड़ी का तस्करी का कारोबार चल रहा है. सागर से काटी गई चंदन की लकड़ी इंदौर फॉरेस्ट विभाग ने पकड़ा. इस गोरखधंधे में फॉरेस्ट के बड़े अफसर से लेकर बीट गार्ड तक शामिल है.

सागर अनुसंधान एवं विस्तार का प्रभाव भोपाल में पदस्थ राखी नंदा के पास है. श्रीमती नंदा का कहना है कि घटना की जानकारी मिली है पर एशिया प्रतिभा शुक्ला की रिपोर्ट का इंतजार है. वही मुख्य वन संरक्षक  अनिल कुमार सिंह का कहना है कि यह बड़ा गंभीर मामला है. मैं एफ आई आर दर्ज कर आऊंगा, भले ही विभाग के लोग शामिल हो.

सागर अनुसंधान विस्तार में खड़े चंदन के पेड़ की कटाई काफी दिनों से चल रही थी. पहली बार इंदौर वन मंडल ने उसे पकड़ा है. पकड़े गए आरोपियों में दीपक राजपूत, विकास राजपूत, गजेंद्र लोधी, और दीपक राजपूत पिता बालकिशन शामिल है.

चंदन चोरों के पास से लकड़ी के साथ-साथ बीट गार्ड गजेंद्र सिंह लोधी का आई कार्ड जब्त भी हुआ है. हालांकि सागर की प्रभारी सीएफ अनुसंधान एवं विस्तार की राखी नंदा का कहना है कि आई कार्ड पर हस्ताक्षर नहीं है. यानी प्रभारी सीएफ तस्करी में पकड़ी गई आई कार्ड को नकली बताने के प्रयास कर रहीं हैं.

सूत्रों ने बताया कि सागर से इमारती लकड़ी के अवैध कटाई और परिवहन के साथ-साथ चंदन लकड़ी की  भी तस्करी हो रही है. सीसीएफ अनुसंधान विस्तार का पद खाली पड़ा है. विभाग ने स्थानीय शीर्ष अफसरों पर भरोसा न जताते हुए भोपाल में पदस्थ सीएफ अनुसंधान एवं विस्तार को  170 किलोमीटर दूर  सागर का प्रभार दिया गया है.

प्रभारी सीएफ सागर का कहना है कि  चंदन की लकड़ी की कटाई और इंदौर में जप्ती की जानकारी है. एसीएफ प्रतिभा शुक्ला को जांच के आदेश दिए हैं. उनकी जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं आई. जबकि  एसीएफ अनुसंधान एवं विस्तार ने बातचीत के दौरान बताया कि लकड़ी जब तू ही है यह पता है किंतु कितनी कटाई हुई है, उसकी हमें जानकारी नहीं है. कुल मिलाकर बीट गार्ड को बलि का बकरा बनाया जा रहा है.