सुप्रीम कोर्ट ने सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान की राज्य विधानसभा से अयोग्यता के खिलाफ दायर एक याचिका पर यूपी सरकार और केंद्रीय चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। भड़काऊ भाषण मामले में तीन साल जेल की सजा सुनाए जाने के बाद विधान सभा में आजम की सदस्यता रद्द कर दी गई थी।
न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हेमा कोहली की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता गरिमा प्रसाद से खान की याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने और उनकी याचिका चुनाव आयोग की स्थायी परिषद को भेजने को कहा। पीठ मामले की अगली सुनवाई 9 नवंबर को करेगी।
प्रसाद ने तर्क दिया कि आजम को अयोग्य ठहराने का निर्णय सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप था। इस पर पीठ ने उनसे पूछा कि याचिकाकर्ता को अपात्र घोषित करने की क्या जल्दी थी? आपको उन्हें कम से कम कुछ समय देना चाहिए।
आजम खान को 27 अक्टूबर को रामपुर की एक अदालत ने 2019 भड़काऊ भाषण मामले में दोषी ठहराया था और तीन साल जेल की सजा सुनाई थी। 28 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने आजम को अपात्र घोषित किया और उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी थी।