भोपाल: राज्य के विमानन संचालनालय में प्रशासकीय अधिकारी-एओ के पद पर संविदा आधार पर भर्ती की प्रक्रिया शुरु करने में घोटाला सामने आया है। इसकी शिकायत मिलने पर राज्य शासन ने जांच प्रतिवेदन तलब कर लिया है।
संचालनालय ने एओ के पद पर संविदा के आधार पर भर्ती के लिये आवेदन मांग लिये तथा इसमें प्रशासनिक सेवा में दस साल का अनुभव रखने वाले से ही आवेदन मांगे गये जबकि सेवारत से आवेदन मांगे जाने थे। इसके अलावा, संचालनालय को जीएडी के संविदा नियमों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया शुरु करना थी परन्तु उसने स्वयं से ही अर्हतायें जारी कर दी जबकि इन अर्हताओं के लिये राज्य शासन से पूर्वनुमति लेना थी।
इस गड़बड़ी का पता जब चला जब भोपाल के अरेरा कालोनी निवासी एक आरटीआई एक्टिविस्ट डा. अनुराग गर्ग ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की और साथ ही विमानन विभाग में आरटीआई के तहत इस भर्ती के बारे में सारे दस्तावेज मांग लिये।
शिकायत में कहा गया है कि विमानन विभाग से गत 30 अप्रैल को अवर सचिव पद से रिटायर हुये चन्द्रकांत कश्यप को एओ के पद पर संविदा आधार पर भर्ती करने के लिये विमानन संचालनालय ने मनमर्जी अर्हतायें शामिल कर भर्ती हेतु आवेदन मांगे गये हैं। शिकायत में इसे व्यापम जैसा घोटाला बताया गया।
विमानन विभाग ने इस शिकायत का जांच प्रतिवेदन संचालनालय से तलब कर लिया है तथा आरटीआई की जानकारी भी संचालनालय को देने के लिये कहा है क्योंकि यह मामला उससे ही संबंधित है। इस भर्ती के लिये विमानन विभाग ने जीएडी के नियमों के अनुसार भर्ती की कार्यवाही करने के लिये कहा था परन्तु संचालनालय ने अर्हतायें विभाग से स्वीकृत कराये ही आवेदन मंगा लिये।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि एओ की भर्ती के लिये शासन स्तर से ही कार्यवाही होना है तथा इस संबंध में आई शिकायत पर कार्यवाही की जा रही है। आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी के लिये आवेदक को बुलाया गया था परन्तु वह नहीं आया, फिर भी जानकारी दी जायेगी।