सेक्सुअल हरेसमेंट के केस में अपना बयान दर्ज कराने के लिए शर्लिन चोपड़ा मुंबई के जुहू पीएस पहुंची थीं। लेकिन यहां पहुंचकर शर्लिन को निराशा ही हाथ लगी।

शर्लिन ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि, “मुझे बताया गया है कि जिस पुलिस अधिकारी को मेरा मामला सौंपा गया है वह मौजूद नहीं है। मैंने उनसे अनुरोध किया कि मुझे एक महिला अधिकारी दें ताकि मैं अपना बयान दे सकूं। मैं निष्पक्ष जांच चाहती हूं। अगर वे मेरा बयान नहीं लेना चाहते हैं तो वे इसे स्पष्ट रूप से कह सकते हैं।”

गौरतलब बै, कि शर्लिन चोपड़ा ने पुलिस में साज़िद ख़ान के खिलाफ़ पर यौन उत्पीड़न-आपराधिक धमकी दिए जाने के मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी केस के सिलसिलें में वे अपना बयान दर्ज कराने के लिए जुहू थाने पहुंची थीं।  इतना ही नहीं, शर्लिन चोपड़ा ने साजिद खान को सलाखों के पीछे देखने की इच्छा भी जताई थी।

क्ट्रेस ने बताया, "मैंने हाल ही में #MeToo के आरोपी साजिद खान के खिलाफ यौन उत्पीड़न, आपराधिक बल और आपराधिक धमकी के लिए शिकायत दर्ज की थी। जब मैं शिकायत दर्ज कराने आया तो सबसे पहले पुलिस ने मुझसे पूछा कि घटना कब हुई थी, जिस पर मैंने जवाब दिया कि यह सब 2005 में हुआ था। उसने मुझसे पूछा कि मुझे उस तक पहुंचने में इतना समय क्यों लगा। मैंने कहा कि तब मुझमें साजिद खान जैसे बड़े नाम के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत नहीं थी।

शर्लिन ने आगे कहा, "2018 में शुरू हुए मीटू मूवमेंट के दौरान मुझे हिम्मत तब हुई जब मैंने महिलाओं को आगे आते और उन पर होने वाले अत्याचारों के बारे में बात करते हुए सुना। आपको बता दें, साजिद खान न केवल मेरे साथ बल्कि और भी कई महिलाओं का हरेसमेंट कर चुके हैं। आप सोशल मीडिया के जरिए ये पता लगा सकते हैं कि #MeToo के आरोपी साजिद खान ने उन महिलाओं के साथ कैसे दुर्व्यवहार किया।

साजिद ने सेक्स के बारे में कुछ सवाल पूछे, जैसे कि आप दिन में कितनी बार सेक्स करते हैं, उसके कितने बॉयफ्रेंड हैं, और साजिद ने मुझे अपने प्राइवेट पार्ट दिखाया और उसे छूने के लिए कहा, शर्लिन आगे कहती है। सवाल यह है कि क्या कोई महिला घटना के सालों बाद भी अपना दर्द साझा नहीं कर सकती? जाहिर तौर पर वह कर सकती है। तब मुझमें हिम्मत नहीं थी, लेकिन आज है। आज मुझे लगता है कि साजिद खान हों या राज कुंद्रा, अगर उन्होंने गलत किया है तो मैं उनके खिलाफ आवाज उठा सकती हूं।