तीन महीने पहले नगरीय निकाय के चुनावों के बाद अब 46 छोटे शहरों में भाजपा और कांग्रेस के बीच चुनावी मुकाबला चल रहा है। आज इन निकायों में मतदान सुबह से शुरू हो गया है। इसके नतीजे तीन दिन बाद आने वाले हैं। अब तक मतदान आमतौर पर शांतिपूर्ण है।
निकाय चुनाव के तहत मप्र के 18 जिलों के 46 नगरीय निकायों में आज वोटिंग हो रही है। दोपहर तक करीब चालीस प्रतिशत मतदान हो चुका है। सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदाता वोट डाल सकेंगे। इस चुनाव में 3422 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। 25 पार्षद निर्विरोध चुने जा चुके हैं। इनमें से नगरीय निकाय खुरई में 21 और बम्हनी बंजर, बैहर, महेश्वर और थांदला में एक-एक पार्षद निर्विरोध चुने गए हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राकेश सिंह ने बताया कि 46 नगरीय निकायों में 4760 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए थे। नामांकन पत्रों की जांच के बाद 227 नाम निर्देशन-पत्र निरस्त किए गए। कुल 1244 नाम निर्देशन-पत्र अभ्यर्थियों ने वापस ले लिए। अब 3422 अभ्यर्थी चुनाव मैदान में हैं। आज मतदान होने के बाद 30 सितम्बर को सुबह 9 बजे से मतगणना होगी।
कई मंत्रियों की साख भी दांव पर लगी
इन 46 नगरीय निकायों के चुनाव में कई बड़े नेताओं की साख दांव पर लगी है। पूर्व मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ कमलनाथ के गृह जिले छिंदवाड़ा में 6 निकायों के लिए मतदान हो रहा है, यहा मुख्यमंत्री शिवराज ने भाजपा के लिये जमकर जोर लगाया है। वहीं केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते के क्षेत्र मंडला, डिंडोरी, मप्र के पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव के गृहनगर गढ़ाकोटा, नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेन्द्र सिंह के विधानसभा क्षेत्र खुरई में भी मतदान हो रहा है।
खास बात यह है कि यह चुनाव आदिवासी और पिछड़ा बहुल क्षेत्रों में हो रहे हैं। दोनों पार्टियों का फोकस लंबे समय से इन्हीं दो वर्गों पर है। इसलिए चुनाव के नतीजे दोनों दलों की आगामी सियासी राजनीति के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण साबित होने वाले हैं।