अमृतसर में शिवसेना नेता सुधीर सूरी की गोपाल मंदिर के बाहर गोली मारकर हत्या दी गई है। सुधीर सूरी मंदिर के बाहर धरने पर बैठे थे। कुछ दिन पहले गोपाल मंदिर के बाहर कूड़े में कुछ भगवान की मूर्तियां बरामद हुई थी। उसी को लेकर सूरी और शिवसेना के नेता मंदिर के बाहर धरना प्रदर्शन कर रहे थे।
सुधीर सूरी और अन्य हिंदूवादी नेता भी इससे काफी नाराज़ थे। प्रदर्शन के दौरान वहां पर काफी भीड़ जमा हो गई थी उसी भीड़ में से ही किसी ने सुधीर के ऊपर गोली चला दी, जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं, पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर एक हमलावर संदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया। सूरी पर दो लोगों ने हमला किया था। मौके से हथियार भी बरामद कर लिया गया है।
इलाके में तनाव है और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों का फुटेज भी खंगाला जा रहा है।
सुधीर सूरी शिवसेना हिंदुस्तान के मुखिया रह चुके हैं। उन्हें दो से तीन गोलियां लगी थीं। मालूम हो कि सुधरी सूरी पर हमला करने की योजना कुछ समय से तैयार की जा रही थी। पुलिस ने पिछले महीने कुछ बदमाशों को भी गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपी ने यह खुलासा किया।
अल्पसंखयक ,समुदाय से ताल्लुक रखने वाली कई ईसाई, खलिस्तानी और हिंदू नेता आतंकी संगठनों के निशाने पर हैं। अलावा इसके कई खलीस्तीनी नेताओं को कनाडा से लगातार जान से मारने की धमकियां भी मिल रही हैं।
पंजाब में एसटीएफ और अमृतसर पुलिस ने पिछले महीने 23 अक्टूबर को संयुक्त अभियान में 4 गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार किए गए गैंगस्टर रिंडा और लिंडा के गुलाम थे। उनसे पूछताछ में सनसनीखेज खुलासे हुए हैं. गिरफ्तार किए गए गुंडे शिवसेना नेता सुधीर सूरी पर हमले की योजना बना रहे थे। इसके लिए उन्होंने रेकी भी की। पुलिस और एसटीएफ ने वारदात को अंजाम देने से पहले ही चारों को दबोच लिया। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि दीवाली से पहले सुरती पर हमले की योजना बनाई गई थी। इन गैंगस्टरों की गिरफ्तारी से पंजाब में एक बड़ी घटना टल गई।