मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद से भले ही शिवराज सिंह चौहान की विदाई हो चुकी हो लेकिन एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है जिनके मन से शिवराज शायद ही विदा हों। प्रदेश की लाड़ली बहने तो अब तक यकीन नहीं कर पा रहीं कि प्रदेश में भाजपा की इतनी प्रचंड जीत के बाद भी उनके भैया शिवराज इस बार मुख्यमंत्री नहीं बन सके हैं।
यही कारण है कि लाडली बहने जब भी और जहाँ भी शिवराज सिंह चौहान से मिल रही हैं भावनाओं का ज्वार उफान पर आ ही जाता है। गुरुवार को विदिशा में भी ऐसा ही नज़ारा दिखाई दिया। शिवराज को यहाँ पाकर महिलाओं ने अपनी मन की बात कहते हुए रोना शुरू कर दिया।
महिलाएं शिवराज के सीने से लिपटकर रोने लगीं। वे बार-बार यहीं कहती रहीं कि अब उनका क्या होगा? लाड़ली बहनों का क्या होगा? कौन उनका अब ख्याल रखेगा? ये बोलते हुए महिलाएं शिवराज से लिपटकर दहाड़े मारकर रोने लगीं। इतना अपनत्व देख शिवराज भी भावुक हो गए और उनकी आँखों से आंसू निकल आये।
इसके बाद शिवराज ने महिलाओं को समझते हुए कहा कि जिऊंगा तो आपके लिऐ और मरना पड़ा तो आपके लिएं मरूंगा। बहनों मैं आपका था, आपका हूं और आपका ही रहूंगा। इससे पहले कुछ ऐसा ही नज़ारा शपथ ग्रहण के बाद नज़र आया था। वहां भी महिलाओं ने शिवराज का काफिला रुकवा लिया था और भावुक हो कई महिलाये रो पड़ी थीं।
इधर गुरुवार को शिवराज ने अपने X अकाउंट के बायो में फॉर्मर चीफ मिनिस्टर ऑफ मध्य प्रदेश से पहले 'भाई और मामा' जोड़ा है। बड़ी बात यह है कि शिवराज ने बुधवार को अपने बायो में केवल फॉर्मर चीफ मिनिस्टर ऑफ मप्र अपडेट किया था। इससे पहले जब मुख्यमंत्री पद को लेकर अटकलों का दौर जारी थी तब भी शिवराज यह कह चुके थे कि भैया और मामा से बड़ा कोई पद नहीं।