भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की समान नागरिक संहिता कानून मध्य प्रदेश में लागू करने की घोषणा के बाद से उनके कैबिनेट मंत्री प्रेम सिंह पटेल सकते में आ गए हैं.
मुख्यमंत्री चौहान ने इस कानून के लागू होने के साथ ही एक व्यक्ति एक पत्नी होने की बात कही. अभी इत्तेफाक ही कहा जाएगा कि जब उन्होंने इस बात की घोषणा की तब मंच पर उनके साथ पशुपालन एवं सामाजिक न्याय मंत्री प्रेम सिंह पटेल वहां मौजूद थे, जिनकी की 4 पत्नियां हैं. इसकी जानकारी उन्होंने अपने चुनाव घोषणापत्र में भी दी है.
जनजाति गौरव यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बड़वानी पहुंचे थे. बड़वानी में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि देश में समान नागरिक संहिता लागू होनी चाहिए. मैं इसका पक्षधर हूं. मत देश में इसके लिए विशेषज्ञ कमेटी गठित की जा रही है.
एक से ज्यादा शादी कोई क्यों करें, एक देश दो विधान क्यों चले एक ही होना चाहिए. और मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि समान नागरिक संहिता में एक पत्नी रखने का अधिकार है तो एक ही पत्नी होनी चाहिए. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जब बड़वानी मंच से यह बात कह रहे थे तो वहां मौजूद पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल सीएम की बातों को सुनकर बेचैन होने लगे. वह असहज महसूस कर रहे थे कि कहीं उन्हें कोई टोक न दें.
दरअसल, प्रेम सिंह पटेल बड़वानी से बीजेपी के विधायक हैं. इसके साथ ही पटेल शिवराज सरकार में पशुपालन एवं सामाजिक कल्याण मंत्री भी हैं. पटेल ने प्रेम सिंह पटेल ने 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान चुनावी हलफनामे में खुद ही इसका जिक्र किया है.
चुनावी हलफनामे में मंत्री ने अपनी पत्नियों का नाम भी डाला है. एमपी की राजनीति में जैसे ही यूनिफॉर्म सिविल कोड की बात होती है तो मंत्री जी के नाम की चर्चा शुरू हो जाती है. चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी पत्नी का नाम असमा, सिरवटी, कमली और कोकीला है.
.jpeg)
इसके साथ ही प्रेम सिंह पटेल के चुनावी हलफनामे के मुताबिक तीन बच्चे भी हैं. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि शिवराज अगर यूनिफॉर्म सिविल कोड को मुद्दा बनाते हैं कि अगामी विधानसभा चुनाव में मंत्री जी को झटका लग सकता है. बड़वानी की राजनीति में प्रेम सिंह पटेल की पकड़ ठीक ठाक है. पार्टी के अंदर भी दबादबा है इसलिए मंत्री पद पर काबिज हैं.