मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर से सीएम राइज योजना के तहत चयनित प्रदेश भर के 72 स्कूलों के नए भवनों का वर्चुअल शिलान्यास किया। इस योजना में इंदौर जिले के पांच स्कूलों को शामिल किया गया है। अहिल्या आश्रम में सीएम शिवराज ने सीएम राइज स्कूल का शिलान्यास किया। इसके साथ ही अन्य विद्यालयों में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से भूमि पूजन कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बच्चों से पूछा कि स्कूल कैसा है, बच्चों ने कहा अच्छा है।
साथ ही सीएम ने अपने बचपन की कहानी बताते हुए कहा कि मैं भी बचपन में दो कमरों के सरकारी स्कूल में पढ़ता था। उस समय उसमें कोई दरवाजा नहीं था। वह धर से बोरियों ले जाकर पढ़ाई करते थे। सीएम ने कहा मुझे लगा कि सरकारी स्कूल भी अच्छे होने चाहिए। पिछली सरकार टीचिंग स्टाफ को 500 रुपये देती थी। क्या इसमें कोई सिखा सकता है, बच्चों ने कहा नहीं।
सीएम ने पूछा कि गंगा कहां से निकलती है, तो बच्चों ने कहा विंध्याचल से निकलती है। वहां के टीचर ने पूछा, आप ऐसे क्यों पढ़ाते हो? उन्होंने कहा कि 500 रुपये में गंगा हिमालय से नहीं विंध्याचल से ही निकलेगी। अब हमारे शिक्षकों का वेतन 40 से 60 हजार है। कोरोना काल में अस्पताल में भर्ती होने के दौरान ही मेरे मन में मध्य प्रदेश में राज्य के बच्चों के लिए बेहतर स्कूल बनाने का विचार आया।
साथ ही उन्होंने कहा कि 12वीं में मेरिट हासिल करने वाले बच्चों को सरकार की ओर से लैपटॉप दिए जाएंगे। इससे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान डेली कॉलेज में यूथ कॉन्क्लेव में भाग लेकर अहिल्याश्रम पहुंचे थे। यहां एक प्रदर्शनी देखने के बाद अब वे मंच पर पहुंचे। यहां सीएम संस्कृति और पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर के साथ चर्चा करते नजर आए। यहां वर्तमान में स्कूलों पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई ।