भोपाल : मुख्यमंत्री, मंत्रीगणों एवं उच्चाधिकारियों के लिये वाहन चालकों का टोटा हो गया है। अब गृह विभाग अन्य विभागों से प्रतिनियुक्ति पर इन वाहन चालकों की सेवायें लेगा। राज्य के गृह विभाग ने इस संबंध में सभी विभाग प्रमुखों को पत्र लिखकर कहा है कि मप्र स्टेट गैरेज कार्यालय जहांगीराबाद, भोपाल में स्थित है तथा यह गृह विभाग का एक महत्वपूर्ण कार्यालय है। गैरेज द्वारा मुख्यमंत्री/मंत्रीगणों एवं उच्चाधिकरियों के लिये वाहन व्यवस्था की जाती है।

वाहन चालकों के सेवा निवृत्त होने के कारण चालकों की अत्यंत कमी है। इसलिये आपके विभाग में अतिशेष वाहन चालक उपलब्ध हों तो उनकी सेवाएं मप्र स्टेट गैरेज (गृह विभाग) को प्रतिनियुक्ति पर सौंपने हेतु संबंन्धित की सहमति के साथ जानकारी विभागीय सहमति सहित प्रदान की जाये। गृह विभाग ने सभी विभाग प्रमुखों को इस संबंध में एक फार्मेट भी भेजा है, जिसमें उन्हें अपने यहां पदस्थ करें। इसमें अतिशेष वाहन चालक का नाम, नियुक्ति दिनांक एवं सेवानिवृत्ति का दिनांक की जानकारी देने के लिये कहा गया है।

अभी यह है स्थिति :

स्टेट गैराज में नियमित ड्राईवरों के कुल 130 पद स्वीकृत हैं जिनमें से आधे रिटायर हो गये हैं तथा मात्र 65 ड्राईवर कार्यरत हैं। राज्यपाल, सीएम, मंत्रीगण एवं तीन पूर्व सीएम (दिग्विजय सिंह, उमा भारती एवं कमलनाथ) को कुल 35 ड्राईवर वाहन सहित आवंटित हैं तथा शष ड्राईवर उच्चाधिकारियों के यहां तैनात हैं। पिछले तीन साल से स्टेट गैराज 33 नये ड्राईवरों की भर्ती के लिये व्यापम के चक्कर लगा रहा है परन्तु व्यापम इनकी भर्ती परीक्षा आयोजित नहीं कर रहा है।

एक बार स्टेट गैराज ने आउटसोर्स से ड्राईवर रखने की पहल की थी परन्तु गैराज के नियमित ड्राईवरों ने आंदोलन कर इसे रुकवा दिया। ज्ञातव्य है कि नियमित ड्राईवर को करीब 70 हजार रुपये प्रति माह वेतन मिलता है जबकि आउटसोर्स से रखे ड्राईवरों को कलेक्टर रेट पर 10 से 11 हजार रुपये प्रति माह ही मिलता है। स्टेट गैराज में ड्राईवरों की कमी के कारण उसे कई अंडर सेक्रेट्रियों से ड्राईवर वापस बुलाने पड़े हैं।