सत्तारूढ भाजपा की लगातार बैठकों- बंद कमरा मंत्रणाओं और शीर्ष नेताओं में वन-टू-वन चर्चाओं ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। हाल में केंद्रीय मंत्री अमित शाह की यात्रा के बाद बने इन 'संयोगों' को लेकर कई कयास भी चल रहे हैं। इसे सत्ता व संगठन की आगामी विस चुनाव के मद्देनजर सर्जरी की कवायद के तौर पर साफ देखा जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा के कुछ नेता गोलमोल बोल रहे हैं और । कुछ इशारों में समझाने की कोशिशें कर रहे हैं। कल दिनभर और देर रात तक चली मंत्रणाओं के बाद आज फिर राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश एक गोपनीय बैठक ले रहे हैं। वे देर रात मुख्यमंत्री निवास पर भी लंबे समय तक चर्चा कर लौटे थे।
आज सुबह उन्होंने प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानन्द शर्मा को चर्चा के लिये बुलाया है। वहीं प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि नेताओं को अनुशासन में रहने और सार्वजनिक बयानबाजी नहीं करने की हिदायत दी गई है। जानकार सूत्रों का कहना है कि भाजपा के संगठन और खाली पद पर नियुक्ति व नये मंत्रियों पर मंथन तेज हो गया है। निगम मंडलों, सरकारी वकीलों, जनभागीदारी समिति और सरकार में सभी खाली राजनीतिक पदों पर नियुक्तियां जल्द करने की तैयारी भी चल रही है।
कल भी कोर कमेटी की बैठक में राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने ब्यूरोक्रेसी के कामकाज और खराब खैए का मुद्दा उठाया है। हालांकि बचाव में सीएम ने यह भी कहा था कि अफसर अच्छा काम भी करते हैं। लेकिन जनप्रतिनिधियों के फीडबैक के बाद अब प्रशासनिक फेरबदल भी करने की जमीन तैयार हो रही है। हालांकि सीएम ने कहा है कि नेता भी बयानबाजी से बचें और कोई दिक्वत है तो मुझे, पार्टी अध्यक्ष या संगठन महामंत्री को बताएं। नवंबर में पार्टी दो दिन तक अमरकंटक में चिंतन बैठक भर करने वाली है जहां मिशन 2023 की सारी रणनीति बनाई जाएगी।
सीएम शिवराज पहुंचे बालाघाट वाया गोंदिया
मुख्यमंत्री चौहान आज दोपहर बाद बालाघाट के रामपायली पहुंचे हैं। रामपायली वनवास के दौरान भगवान राम के आगमन से जुड़ा है तो वहीं दूसरी ओर डॉ हेडगेवार की स्मृतियों से जुड़ा है। यह ग्राम हेडगेवार की कर्मभूमि रही हैं।स्वतंत्रता संग्राम के दौरान डॉ हेडगेवार ने रामपायली में रहकर ही जंगल सत्याग्रह सहित अनेक क्रांतिकारी गतिविधियों की रचना की और यहीं से उसका क्रियान्वयन किया। मुख्यमंत्री रामपायली में स्थित भगवान राम मंदिर के दर्शन के साथ डॉ हेडगेवार से जुड़ी स्मृतियों का निरीक्षण करेंगे और आवश्यक दिशा निर्देश देंगे।
आधा दर्जन प्रभारी मंत्री निशाने पर
बताया जाता है कि करीब आधा दर्जन प्रभारी मंत्री संगठन की रडार पर हैं। इनकी जिलों का कॉडर से भी शिकायतें आ रही हैं। । जल्दी ही इनके प्रभार भी बदलने पर विचार हो रहा है। वहीं संगठन में जिला अध्यक्षों को बदला जा सकता है।माना जा रहा है कि अब बड़े जिलों की जिम्मेदारी अब दो से तीन मंत्रियों को दी जाएगी। इसके लिए नया फार्मूला बन रहा है। जिलों में प्रभारी मंत्री के साथ एक टीम भी रहेगी। अभी कई मंत्री के पास दो जिलों के प्रभार हैं।
सिंधिया-कैलाश की राव से चर्चा, सरगर्मी बढ़ी
कोर कमेटी के पहले राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और मुरलीधर राव के बीच एकांत में लगभग आधा घंटा चर्चा की खासी चर्चा है। पहले सिंधिया ने संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा के साथ बंद कमरे में बात की थी। फिर बैठक में ब्यूरोक्रेसी को लेकर चर्चा उभरी।