एक महिलाको रिश्वत के बदले अनुचित मांग करने वाले खनिज ऑफिसर को कोर्ट ने जेल भेज दिया है। महिला ने अपने पति के खनन संबंधी काम को लेकर खनिज ऑफिसर से मुलाकात की थी। अफसर ने महिला से पहले 25 हजार रुपये रिश्वत की मांग की लेकिन महिला से मिलने के बाद अधिकारी के तेवर ही बदल गए और अब अफसर ने महिला से रिश्वत के बजाय उसकी अस्मत ही मांग ली।

मामला रतलाम का है। रतलाम की रहने वाली इस महिला ने आरोपी के खिलाफ छेड़खानी का मामला दर्ज कराया है। मामले में कार्रवाई करते हुए कोर्ट ने अधिकारी को सलाखों के पीछे भेज दिया है। अफसर ने महिला को ऑफर दिया कि-मेरे साथ दो दिन के लिए आओ, कोई रिश्वत नहीं लगेगी। 

एमपी के रतलाम कोर्ट की जज ज्योति राठौर ने इंदौर में तैनात सहायक खनिज अधिकारी संजय लूनावत को रिश्वत की बजाए महिला की असमत मांगने को लेकर जेल की सजा सुनाई है. आरोपी खनन अधिकारी की जमानत याचिका खारिज करते हुए यह आदेश जारी किया गया है। रतलाम पुलिस ने आरोपी लूनावत के खिलाफ 19 मई को मामला दर्ज किया था।

गौरतलब है कि यह वाकया 30 मार्च 2022 को रतलाम में हुआ था। अधिकारी संजय लूणावत ने खान एवं खनिज विभाग से संबंधित कार्य पूर्ण करने के लिए घूस की मांग की थी। तय दिन महिला 25 हजार रुपये की रिश्वत लेकर रतलाम के एक मंदिर पहुंची। उनके साथ उनके पति और बच्चे भी थे। आरोपी ऑफिसर वहां पहुंचे और महिला के पति को पानी की बोतल लाने के लिए भेजा। फिर उसने महिला से इस तरह की ग़लत बात की।

जब महिला का पति वापस आया तो उसने देखा कि महिला रो रही है। फिर उसने अपने पति को बताया कि अधिकारी ने क्या कहा। पति के सामने भी आरोपी ने महिला का हाथ पकड़ कर उसकी पीठ थपथपाई और कहा, ''अपनी पत्नी को मेरे पास छोड़ दो, अब से तुम्हें पैसों की जरूरत नहीं पड़ेगी।'' अभी दो दिन है। यह सुनकर दंपती चौंक गए और वहां से चले आए थे।

पीड़ित महिला ने 7 अप्रैल 2022 को थाने में आरोपी अधिकारी के खिलाफ बयान दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले की जांच के बाद 19 मई 2022 को लूनावत के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। इस दौरान महिला ने अधिकारी से अपनी और अपने परिवार की जान को खतरा होने की बात भी कही। साथ ही अपनी शिकायत में जबरदस्ती करने का मामला भी दर्ज करवाया था।