भोपाल। राज्य के वित्त विभाग ने दस माह बाद अपने द्वारा जारी एक नियम में गलती को सुधारा है। इस गलती की वजह से गफलत बनी हुई थी। 

दरअसल, 27 फरवरी 2023 को वित्त विभाग ने मप्र कार्यभारित तथा आकस्मिकता से वेतन पाने वाले कर्मचारी पेंशन नियम 1979 में संशोधन किया था कि किसी अस्थाई कर्मचारी के लिये, बिना किसी व्यवधान के, किसी नियमित पेंशन योग्य पद के उपबंधों पर 1 जनवरी 1974 से ‘‘पूर्व’’ की गई सेवा की पेंशन के लिये गणना यह मानते हुए की जाएगी, मानो कि ऐसी सेवा नियमित आधार पर की गई हो, बशर्ते कि ऐसी सेवा छह वर्ष से कम न हो और यह संशोधित नियम भूतलक्षी प्रभाव से 30 जनवरी 1996 से लागू होगा। लेकिन अब दस माह बाद इस संशोधित नियम में गलती सुधारी गई है तथा शब्द ‘‘पूर्व’’ के स्थान पर ‘‘आगे’’ लिख दिया गया है यानी 1 जनवरी 1974 से ‘‘आगे’’ की गई सेवा की पेंशन के लिये गणना की जाएगी।