MP के कृषि मंत्री कमल पटेल शिवराज सरकार के उत्साहित मंत्रियों में से एक हैं| हालांकि उनका यह उत्साह कई बार उनके ऊपर भारी पड़ जाता है| कमल पटेल ने होशंगाबाद हरदा के किसानों की समस्या को लेकर एक वीडियो जारी किया| इस वीडियो में दावा किया गया कि कमल पटेल प्रदेश के ऊर्जा मंत्री से कह रहे हैं कि किसानों की बिजली की समस्या हल करो वरना किसान निपटा देगा|

देखें खबर में क्या कहा गया था-

नर्मदापुरम संभाग के हरदा और नर्मदापुरम (होशंगाबाद) में मूंग की फसल पर अघोषित विद्युत कटौती के कारण किसान परेशान हो रहे हैं और मूंग की फसल को नुकसान न हो। इसके लिए कृषि मंत्री कमल पटेल चिंतित हो सक्रिय हो गए। मंत्री पटेल ने बुधवार को बिजली मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर से दूरभाष पर चर्चा करते हुए बताया कि दोनों जिलों में बिजली विभाग के द्वारा अघोषित विद्युत कटौती की जा रही है। इसे रोका जाए। वरना किसानों को 4 हजार करोड़ रुपए की मूंग की फसल का नुकसान हो जाएगा। किसान निपटा तो वह हमें निपटा देगा। इस पर बिजली मंत्री तोमर ने कृषि मंत्री पटेल को आश्वासन दिया कि दोनों जिलों में अघोषित विद्युत कटौती की जांच की जाएगी और किसानों को ज्यादा से ज्यादा बिजली मिले। यह सुनिश्चित किया जाएगा। आप चिंता न करें।

देखें खबर में क्या कहा गया था- 

इस वीडियो को जारी करने के बाद कमल पटेल ने इसका खंडन भी जारी किया और कहा कि यह बात ऊर्जा मंत्री से नहीं हो रही है| दरअसल अति उत्साह में कमल पटेल मंत्री के साथ स्पीकर पर बात कर रहे थे सामान्य तौर पर दो मंत्रियों की बात को इस तरह से सार्वजनिक करना ठीक नहीं माना जाता| लेकिन कमल पटेल ने ना सिर्फ मंत्री से स्पीकर पर बात की बल्कि उसका वीडियो भी वायरल कर दिया गया| बाद में कांग्रेस के प्रहार, संबंधित मंत्री की आपत्ति, संगठन की हिदायत पर मंत्री जी ने अपना  वीडियो का खुद ही खंडन किया|

खंडन कुछ इस तरह जारी हुआ - 

मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने सोशल मीडिया पर चल रहे एक वीडियो को लेकर कहा है कि यह वीडियो विद्युत विभाग के अधिकारी से बात करते हुए हैं। ऊर्जा मंत्री से मेरी इस संदर्भ में कोई चर्चा नहीं हुई है। किसानों के विषय को लेकर मैं सदैव चिंतित रहता हूं साथ ही हमारी सरकार के मुखिया शिवराज सिंह भी चिंतित रहते हैं। विद्युत विभाग के द्वारा नर्मदापुरम संभाग में लोड सेटिंग के नाम पर किसानों की बिजली काट दी जाती है इसको लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों से चर्चा की है।