भोपाल : शिवराज सरकार लगातार बाजार से कर्ज ले रही है ।वर्तमान वित्तीय वर्ष में लगातार तीसरी बार 2000 करोड रुपए का कर्ज बाजार से उठाया गया है ।अब तक कुल तीन लाख करोड़ का कर्ज बाजार से लिया जा चुका है। आश्चर्य इस बात का है कि ऋण तो लगातार बढ़ रहा है, लेकिन राजस्व की आय तेजी भी घट रही है। खजाना लगभग खाली है और केंद्र सरकार से मिलने वाली मदद भी आधी हो गई है ।योजनाओं के क्रियान्वयन पर उपयोगिता प्रमाण पत्र न देने की स्थिति में भारत सरकार की ओर से मिलने वाला भुगतान भी लंबे समय से लंबित हो गया है।
राज्य सरकार ने रिजर्व बैंक के मुम्बई कार्यालय के माध्यम से अपनी सिक्युरिटीज का विक्रय कर बाजार से 2 हजार करोड़ रुपयों का नया कर्ज उठाया है। इस कर्ज का पूर्ण भुगतान दस साल बाद किया जायेगा और इस दौरान साल में दो बार कूपन रेट पर ब्याज का भुगतान किया जायेगा।
वर्तमान वित्त वर्ष में राज्य सरकार 23 जून 2022 को 2 हजार करोड़ रुपये एवं 28 जुलाई 2022 को भी 2 हजार करोड़ रुपये का बाजार से कर्ज उठा चुकी है तथा अब तीसरी बार कर्ज उठाने जा रही है। राज्य सरकार पर कर्ज का कुल भार तीन लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है।
हाल ही के विधानसभा सत्र में अनुपूरक बजट प्रस्तुत कर सरकार ने अपने खर्चे फिर से बड़ा लिए हैं और परिवहन, रजिस्ट्रीकरण ,आबकारी विभाग से मिलने वाला राजस्व अपेक्षाकृत घटता जा रहा है।