सरकारी कागजों में विकास के दावे काफ़ी भारी होते हैं। मौजूदा प्रदेश सरकार भी लंबे समय से विकास के बड़े-बड़े दावे करती आ रही है। शहरों की तेज रफ़्तार से बाहर निकलते ही ग्रामीण अंचलों में विकास दम तोड़ने लगता है। उन्हीं भारी दावों के पोल खोलते हुए कई वीडियोस भी अब तक सामने आ चुके हैं।
अब एक और वीडियो हरदा ज़िले की टिमरनी विधानसभा से सामने आया है। यहाँ की सिराली तहसील के ग्राम पंचायत रहटाकला से जो वीडियो सामने आया हैं, उसने पूरी इंसानियत को शर्मसार कर दिया। यहाँ ग्रामीण महिला इमलाबाई की मृत्यु 16 तारीख शाम को हो गई थी। अंतिम संस्कार अगले दिन 17 तारीख को गांव से काफ़ी दूरी पर स्थित एक मुक्तिधाम में किया गया। जानकारी के अनुसार, पूरे गांव में ये सिर्फ़ एक ही मुक्तिधाम है।
इमलाबाई का मुक्तिधाम तक का ये आख़िरी सफर इतना आसान न था। शवयात्रा की जो तस्वीर सामने आई है उसने सरकारी व्यवस्थाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जंगल के बीच में बने इस मुक्तिधाम तक पहुँचने के लिए सबसे पहले झाड़ियो के बीच में भटकना पड़ता है। उसके बाद एक नाले को पार कर वहां तक पहुंचा जा सकता है।
कंधे पर अर्थी लेकर अब ये नाला किन दुश्वारियों से पार होता होगा, यह आप खुद ही देख लीजिये-
ठीक इसी तरह इमलाबाई की अर्थी को भी बड़ी कठिनाइयों से, पानी के बीच से निकालकर मुक्तिधाम तक ले जाया गया। जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार हो पाया।
बता दें कि टिमरनी विधानसभा पर लंबे समय से बीजेपी विधायक संजय शाह का कब्ज़ा है। वैसे तो प्रदेश सरकार विकास के कई बेहतर काम कर रही है। लेकिन उसके बाद भी ग्रामीण अंचलों से निकलने वाली ये तस्वीरें कही न कही सरकारी सिस्टम पर सवाल जरूर खड़े करती हैं।
तत्काल एक्शन का दिया भरोसा-
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सिराली तहसीलदार भरत अहिरवार ने बताया कि यह सही है कि मुक्तिधाम तक जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। करीब 4 महीने पहले गर्मी में ग्रामीणों ने भी इसके लिए शिकायत की थी।
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तहसीलदार महोदय का कहना है कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद नपती कर चुनें की लाइन बनाकर अस्थाई रास्ता बनाने के लिए परमिशन ग्राम पंचायत को दी गई थी। इसके लिए उन्होंने एक आधिकारिक पत्र भी जारी किया था। लेकिन पंचायत के अधिकारियों ने अब तक इस आदेश का पालन किया ही नहीं। अब इन लापरवाह अधिकारियों पर एक्शन लिए जाने की बात भी तहसीलदार साहब कह रहे हैं। कुल मिलाकर ग्रामीण आज भी अपनी मूल सुविधाओं के लिए भटक रहें है।