अब भोपाल के बड़े तालाब का क्रूज़ जल्द ही लहरों पर नये रूप रंग में तैरता नजर आयेगा। पिछले महीने जबर्दस्त बरसात और तेज हवाओं में लड़खड़ा कर डूबने वाले क्रूज़ 'लेक प्रिंसेस' को तकनीशियनों ने नए रूप औरनई डिजाइन में ढाल दिया है। संभवत-एक हफ्ते बाद पर्यटक इसका लुत्फ उठा सकेंगे। हालांकि दुर्घटनाग्रस्त' क्रूज़ का इंजन ठीक है। कल तालाब में चला कर ट्रायल लिया गया। दावा है कि अब इसकी सभी तरह की तकनीकी खामियों को दूर कर दिया गया है। इसकी डिजाइन में भी काफी बदलाव किया गया है।

पर्यटन विकास निगम के अधिकारियों का कहना है कि 25 सितंबर तक इसका काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद इसे पर्यटकों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। नया इंटीरियर डेकोरेशन क्रूज को स्काई ब्लू और सफेद कलर से पेंट कराया गया है। फाइबर और लाइट मटेरियल का उपयोग कर इंटीरियर सजाया जा रहा है। बताया जाता है कि क्रूज से सभी भारी सामग्री को हटाया जा रहा है। यहां तक कि क्रूज के ऊपर डेक और नीचे लगी स्टील की बाउंड्री को भी हटा दिया है। इसकी जगह लाइट मटेरियल का उपयोग किया है। फर्नीचर में भी लाइट वुड का उपयोग किया जाएगा। 

22 अगस्त को फंसा था क्रूज़ 

दरअसल, 22 अगस्त को बड़ी झील में उठी लहरों के कारण क्रूज लेक प्रिंसेस क्षतिग्रस्त हो गया था। 25 अगस्त को सेवेजिंग ऑपरेशन के माध्यम से इसे सुधारने के लिए झील पर ही बने प्लेटफॉर्म पर लाया गया । क्रूज की स्थिति देखने के बाद हैदराबाद से पहुंचे मरीन इंजीनियर फजल खान ने क्रूज की तकनीकी खामियों को ठीक करने की जिम्मेदारी ली थी।