मध्यप्रदेश में काफी देरी से हो सके गैर दलीय त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का क्लाइमैक्स आज जिला पंचायत अध्यक्षों के चुनाव तथा राजनीतिक दलों के आपसी संघर्ष के चलते काफी सनसनीखेज बन गया है। कई जिलों में निर्वाचित पंचायत सदस्य काफी समय से 'गायब' थे, वे आज सामने आ गये हैं। माना जा रहा है कि इनकी बाड़ाबंदी की गई थी।

मप्र की 51 जिला पंचायत अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया सुबह से चल रही है। भोपाल में कांग्रेस समर्थित सदस्यों का बहुमत है लेकिन भाजपा एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। निर्णायक वक्त की नजाकत समझते हुए दिग्विजय सिंह और सुरेश पचौरी जिला पंचायत दफ्तर के सामने डटे हैं। इस बीच पहला परिणाम मंदसौर जिला पंचायत अध्यक्ष का आया,जहां भाजपा की दुर्गा विजय पाटीदार निर्विरोध अध्यक्ष चुनी गई। मुरैना में भाजपा जीती।

उधर उज्जैन में प्रक्रिया के दौरान विवाद की स्थिति बनी और पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। जिला पंचायत सागर अध्यक्ष पद लिए भाजपा के अधिकत प्रत्याशी होंगे हीरा सिंह राजपूत.जीत गये हैं। वे .मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के भाई है। ग्वालियर, शहडोल, दतिया, गुना, भिंड, शाजापुर, बुरहानपुर में भाजपा व छिंदवाड़ा में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी की जीत की खबर है।

श्योपुर में कांग्रेस के दो जिला पंचायत सदस्य गायब होने की बात रामनिवास रावत ने कही है। जिलों में सरकार बनाने के लिए भाजपा कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने सदस्यों की बाड़ेबंदी कराई थी। कई जिलों में बहुमत का आंकड़ा छूने वाले संभावित अध्यक्ष, सदस्यों की भोपाल में सीएम से मुलाकात भी कर चुके हैं। सीधी जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव फिलहाल नहीं हो रहा है। इनका मामला कोर्ट में विचाराधीन है।

भोपाल में जबर्दस्त टकराव, तनाव 
भोपाल जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिये पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और पूर्व मंत्री सुरेश पचौरी ने जिला पंचायत कार्यालय के बाहर डेरा डाल दिया। उनका आरोप है कि कांग्रेस सदस्यों पर भाजपा हर तरह से दबाव बना रही है। विधायक पीसी शर्मा और । आरिफ मसूद ने आरोप लगाया कि चार सदस्यों को सीएम हाउस में जबरन बैठा लिया गया है। वहीं, सरकार के दबाव में प्रशासन ने चुनाव की टाइमिंग भी बढ़ा दी गई है। जिला पंचायत कार्यालय में जाने के लिए कांग्रेसी और पुलिस में जमकर नोकझोंक और हंगामा भी हो गया। इसके चलते बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है। बारह बजे तक चार सदस्य ही जिला पंचायत में पहुंच सके थे। यहां कल 10 में से 7 कांग्रेस समर्थित जीते हैं। लेकिन उलटफेर की भी आशंका हैं, यहां रश्मि भार्गव प्रमुख दावेदार बताई जा रही हैं।

उमा की बहू और पूर्व मंत्री की पत्नी के बीच मुकाबला
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की बहू उमिता राहुल सिंह लोधी टीकमगढ़ से जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के प्रयास में हैं। उमिता के पति और उमा के भतीजे राहुल सिंह लोधी खरगापुर से भाजपा विधायक हैं। राहुल के मुताबिक उमिता को आठ अन्य जिला पंचायत सदस्यों ने समर्थन दिया है। उमा की बहू उमिता के अलावा एक और भतीजे अनिल लोधी भी जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीते हैं। उमिता का मुकाबला पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता यादवेन्द्र सिंह की पत्नी सुषमा सिंह से होगा। यादवेन्द्र पर हाल ही नगर पालिका चुनाव की वोटिंग के दिन विधायक राकेश गिरि से विवाद हुआ था। मामले में पुलिस ने यादवेन्द्र सिंह पर मामला दर्ज किया है और वे फरार हैं।

इन जिलों में जबर्दस्त कश्मकश
राजधानी भोपाल के अलावा, सीएम के गृह जिले सीहोर, कमलनाथ के छिंदवाड़ा, दिग्विजय सिंह के गुना, राजगढ़, नेता प्रतिपक्ष के जिले भिंड में अध्यक्ष के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं। सीहोर के सदस्यों को भोपाल के खजूरी थाने की पुलिस ले आई। कई जिलों में सदस्यों के गायब होने और अपहरण की शिकायतें भी पुलिस के पास पहुंची हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भोपाल में कांग्रेस समर्थक सदस्यों को पुलिस प्रशासन डरा रहा है।

एक ही नाम और लगी मुहर
बताते हैं कि मंदसौर जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए आज प्रस्तुत हुए नामांकन में केवल भाजपा की और से केवल एक ही नाम प्रस्तुत किया गया। कांग्रेस के पास आरक्षित महिला प्रत्याशी नहीं होने से दावेदारी नहीं की गई। मंदसौर जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए पूर्व विधायक राधेश्याम पाटीदार की पुत्रवधू दुर्गा विजय पाटीदार को निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित किया गया।

भूपेंद्र की गाड़ी रोकी दिग्विजय-पचौरी ने
भोपाल जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर टसल दोपहर तक जबर्दस्त है। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे जब प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह कुछ सदस्यों को अपनी गाड़ी में लेकर पहुंचे तो इस दौरान वहां मौजूद पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और पूर्व मंत्री सुरेश पचौरी आदि नेता उनकी गाड़ी के सामने आ गए। इसी बीच विधायक रामेश्वर शर्मा सदस्यों को लेकर अंदर चले गए। इसे लेकर कांग्रेसियों ने आपत्ति जताई। जिला पंचायत के सामने हंगामे के हालात हैं।