पत्नी से झगड़े के डर के चलते 32 दिन से ताड़ के पेड़ पर चढ़कर रह रहे पति को आखिरकार नीचे उतार लिया गया है। रामप्रवेश को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जाल के सहारे नीचे उतारा गया। पुलिस और प्रशासन ने उसका सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया है। काफी दिन हो जाने पर पत्नी ने पुलिस और प्रशासन से उसे उतारने की गुहार लगाई थी।
एसडीएम ने बताया कि सूचना मिलने पर सादा वर्दी में पुलिस वालों को उसका रेस्क्यू करने में लगाया गया था। कई जवानों को पास वाले ताड़ के पेड़ों पर चढ़ाया गया। वहीं दो जवानों को उसी ताड़ पर चढ़ाया गया, जिस पर रामप्रवेश बैठा था। बाकी जवानों ने पेड़ के नीचे जाल फैला लिया। इसके बाद पुलिस के जवानों ने व्यक्ति को धक्का देकर जाल पर गिरा दिया। एसडीएम ने बताया कि रामप्रवेश का सफल रेस्क्यू करने के बाद अब उसे समझाया जा रहा है।
आपको बता दें, कि रामप्रवेश 100 फीट ऊंचे ताड़ के पेड़ पर रहने लगा था और नीचे उतारने की कोशिश करने वालों पर पत्थर फेंककर उन्हें भगा देता था। रामप्रवेश लगभग एक महीने से 100 फुट ऊंचे ताड़ के पेड़ पर रह रहा था, यहां तक कि रहना सोना-खाना सब पेड़ पर ही करता है। जब भी गांव के लोग उसे समझाने जाते हैं तो वह पेड़ पर पहले से ही अपने पास रखे ईंट-पत्थरों से उन पर हमला कर देता है। जिससे लोग उसके पास जाने से भी कतराने लगे हैं।
मऊ: पत्नी से झगड़े के चलते 32 दिन से ताड़ के पेड़ पर रह रहे पति को आखिरकार नीचे उतार लिया गया। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जाल के सहारे उसे रेस्क्यू किया गया। रामप्रवेश 100 फीट ऊंचे ताड़ के पेड़ पर रहने लगा था और नीचे उतारने की कोशिश करने वालों पर पत्थर फेंककर उन्हें भगा देता था। pic.twitter.com/rELVPl4Akz
— Astha Kaushik (@ASTHAKAUSHIIK) August 29, 2022
मामला मऊ जिले के थाना कोपागंज इलाके के बसारथपुर गांव का है। गौरतलब है,बताया गया है, कि अपनी पत्नी के डर से उसने ऐसा कदम उठाया था, क्योंकि उसकी पत्नी रोज उसके साथ झगड़ा और मारपीट करती थी, जिसका असर इतना गहरा हुआ कि रामप्रवेश ना तो पेड़ से नीचे उतरने को तैयार है ना ही किसी की बात सुनने को।
राम प्रवेश के घरवाले रोज़ पेड़ के पास ही खाना रस्सी से बांधकर लटका देते हैं, जिसे वो बाद में ऊपर खींच लिया करता था। रात में कुछ समय के लिए मौका देखकर वो पेड़ से नीचे उतरता और अपने नित्यकर्म के बाद वापस पेड़ पर चढ़ जाता था। राम प्रवेश के पेड़ पर रहने से गांव के लोग नाराज हैं। उनका कहना है कि राम प्रवेश के पेड़ पर रहने से उनकी निजता पर असर पड़ रहा है क्योंकि वह पेड़ गांव के बीचों-बीच है और सभी के घर का आंगन वहां से नजर आता है।
गांव वालों ने पहले भी पुलिस से राम प्रवेश की शिकायत की थी लेकिन पुलिस भी राम प्रवेश को पेड़ से नीचे उतारने में नाकाम रही और उसका वीडियो बनाकर चली गई थी।