भोपाल: प्रदेश की ग्रामीण परिवहन नीति में आपरेटरों को भरपाई अब दो माह के संचालन के बाद की जायेगी। अभी यह अवधि छह माह की है। इसके लिये नीति में बदलाव की प्रक्रिया शुरु हो गई है। अगले माह यह नीति जारी हो जायेगी।

उल्लेखनीय है कि ग्रामीण परिवहन नीति का पायलट प्रोजेक्ट विदिशा जिले से 26 मई 2022 से प्रारंभ किया गया है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के सहयोग से मोटरयान कर में छूट देते हुये बीस सीटर यात्री वाहन चलाये गये।

इसमें शर्त रखी गई थी कि छह माह तक निरन्तर संचालन करने पर यात्री वाहन को ग्राम पंचायतों से रिपोर्ट लेकर सीटें खाली रहने पर हुये नुकसान की भरपाई की जायेगी लेकिन वर्षा काल में ये यात्री वाहन ग्रामीण क्षेत्रों में साढ़े चार माह तक नहीं चले।

इसलिये वहां अब भरपाई नहीं होगी। लेकिन इससे अनुभव लेकर अब राज्य सरकार प्रावधान करने जा रही है कि यदि निरन्तर दो माह तक भी ग्रामीण क्षेत्र में यात्री वाहन चलाया गया तो उसे नुकसान की भरपाई की जायेगी।

अगले माह दिसम्बर से पूरे प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में यात्री वाहन नई नीति के तहत चलाये जायेंगे। विदिशा में यात्री वाहनों को भरपाई न मिलने से वहां कोई फर्क नहीं पड़ा है क्योंकि विदिशा क्षेत्र सिंचित क्षेत्र है और वहां सम्पन्नता है।