मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सुबह दमोह जिले की समीक्षा बैठक में सबसे पहले जल जीवन मिशन की जानकारी ली और अफसरों से पूछा कि जहां जहां योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, वहां पानी की सप्लाई हो रही है कि नहीं? रीस्टोरेशन को लेकर शिकायत है कि इसके काम में कुछ जगहों पर सड़कें खराब हुई है, वो ठीक नहीं हुई। इनको जरा गंभीरता से देखिए।
सीएम ने सागर कमिश्नर मुकेश शुक्ल से पूछा क्या सागर कमिश्नर देखते हैं योजनाओं के कार्यों को? सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है नल से जल घरों में पहुंचाना। एकल नल जल योजनाएं पूरी होने पर विधायकों को सूचित करें। सीएम ने कहा कि कलेक्टर और पूरी टीम को पूरी गंभीरता से समीक्षा करनी चाहिए। काम घटिया न हो कम से कम 30 -35 साल तक लोगों को इसका लाभ मिले।
जानकारी के मुताबिक बैठक में सीएम ने कहा कि राशन वितरण में गड़बड़ी की मुझे शिकायतें मिली हैं। इस पर अफसरों ने बताया कि सितंबर में 91 प्रतिशत वितरण किया गया है।लेकिन सीएम ने कहा कि 100 प्रतिशत वितरण क्यों नहीं हो रहा? अब तो वन नेशन वन राशन कार्ड के तहत कहीं से भी राशन ले सकते हैं। राशन में गड़बड़ी की कितनी शिकायत हैं, तो कलेक्टर बोले कि सितंबर में कुछ शिकायत आई है। 5 दुकानों पर कार्रवाई प्रस्तावित है।
सीईओ निलंबित, 8 की सेवा समाप्त
वीडियो कॉन्फ्रेंस में बताया कि लापरवाह और भ्रष्ट आचरण के दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध निलंबन की कार्यवाही की गई है। कमिश्नर सागर मुकेश शुक्ला ने बताया कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी, टीकमगढ संदेश मालवीय को हटाने की कार्यवाही की गई है। कलेक्टर दमोह एस. कृष्ण चैतन्य ने बताया कि गड़बड़ियों पर कार्यवाही करते हुए 8 ग्रामीण रोजगार सहायकों की सेवा समाप्त करते हुए 5 पंचायत सचिवों को निलंबित किया गया है। इस पर मुख्यमंत्री अनियमितता के दोषी सीईओ मालवीय को निलंबित करने के निर्देश दिए।