जबलपुर क्राइम न्यूज। पोते संदीप को शक था कि दादा नेतराम जादू टोना कर रहे हैं, इसलिए उनका वंश नहीं बढ़ा। संदीप ने कहा कि उसके दोनों भाई शादीशुदा हैं लेकिन उनके कोई संतान नहीं है। चार साल पहले उसकी भाभी का गर्भपात हो गया और फिर उसके भाई की मौत हो गई। इन सबके पीछे उसे अपने दादा पर शक था कि वह जादू टोना कर रहा है। इसलिए उसने उसे मारने का मन बना लिया। मौका मिलते ही संदीप ने दादा को मार डाला।

जबलपुर। जबलपुर के माढ़ोताल इलाके में 71 वर्षीय नेतराम अहिरवार की हत्या के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। उसके पोते ने उसे मार डाला। पोते को संदेह था कि दादा जादू टोना कर रहे थे, इसलिए उनके बच्चे नहीं हो सकते थे। पोते ने अपने दादा को तलवार से मार डाला था। पुलिस ने मृतक नेतराम अहिरवार के पोते संदीप अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ कर रही है।

पुलिस के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पाया गया कि नेतराम को 17 बार चाकू मारा गया था। शव उनके घर से कुछ ही दूरी पर एक सरकारी स्कूल के सामने पड़ा मिला। पुलिस ने कहा कि आरोपी संदीप अहिरवार ने जादू टोना अंधविश्वास के कारण हत्या करना कबूल कर लिया है।

सीएसपी तुषार सिंह ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि पूछताछ में शक उसके पोते संदीप के पास गया। उन्हें संदेह था कि दादा जादू टोना कर रहे हैं, इसलिए उनका वंश नहीं बढ़ा। संदीप ने कहा कि उसके दोनों भाई शादीशुदा हैं लेकिन उनके कोई संतान नहीं है। चार साल पहले उसकी भाभी का गर्भपात हो गया और फिर उसके भाई की मौत हो गई। इन सबके पीछे उसे अपने दादा पर शक था कि वह जादू टोना कर रहा है। इसलिए उसने उसे मारने का मन बना लिया। मौका मिलते ही संदीप ने दादा को मार डाला।