Ayodhya Deepotsav 2023: दिवाली के मौके पर अयोध्या में विशेष आयोजन किये जाते हैं. जिसमें रामायण के प्रसंगों पर आधारित झांकी तैयार कर उत्सव मनाया जाएगा. इस उत्सव में गुरु वशिष्ठ की भूमिका में सीएम योगी पूरे उत्सव का नेतृत्व करेंगे.

21 लाख दीपों से जगमगाएगी अवधपुरी-

इस बार अयोध्या की दिवाली कई मायनों में खास होगी. यूं तो 2017 के बाद से यहां हर साल दिवाली पर कई रिकॉर्ड बनते रहे हैं, लेकिन रामलला की मूर्ति के प्राण प्रतिष्ठा से पहले होने वाले इस बार के दीपोत्सव के लिए योगी सरकार ने खास तैयारी की है. इस बार अवधपुरी 21 लाख दीपों से जगमग होगी. इसके साथ ही एक और विश्व रिकॉर्ड बन जाएगा.

रामनगरी को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा-

भगवान राम के अयोध्या आगमन के नाम से मशहूर दिवाली के त्योहार की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. भगवान राम के स्वागत के लिए अयोध्यानगरी को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है. दिवाली पर दीपोत्सव के साथ-साथ अयोध्या में कई अन्य धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है.

रामायण के प्रसंगों पर आधारित झांकियां तैयार की जाएगी-

कार्यक्रमों में रामायण के प्रसंगों पर आधारित झांकियां अयोध्या के प्रवेश द्वार से रामकथा पार्क तक यात्रा करेंगी. साथ ही इस झांकी के पीछे संगीत और नृत्य समूह भी होंगे.

कार्यक्रम का नेतृत्व सीएम योगी करेंगे-

झांकी जब रामकथा पार्क पहुंचेगी तो गुरु विशिष्ठ की भूमिका में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका नेतृत्व करते नजर आएंगे. जब यह झांकी राम कथा पार्क पहुंचेगी, उसी समय त्रेता युग की तर्ज पर पुष्पक विमान के आकार के हेलीकॉप्टर पर सवार होकर भगवान श्री राम का आगमन होगा. फिर सीएम योगी गुरु वशिष्ठ की भूमिका में नजर आएंगे और राज्याभिषेक कार्यक्रम होगा. इसके लिए रामकथा पार्क को राम दरबार की थीम पर सजाया जा रहा है.

दीपोत्सव सनातन परंपरा का अभिन्न अंग-

दीपोत्सव हमारी सनातन परंपरा का अभिन्न अंग है. यह 14 वर्ष के वनवास के बाद भगवान श्री राम, माता सीता और लक्ष्मणजी की अयोध्या वापसी का स्मरण कराता है. अयोध्या दीपोत्सव में भगवान श्री राम की अयोध्या वापसी, भरत मिलाप, श्री राम का राज्याभिषेक आदि का प्रतीकात्मक चित्रण भी किया जाएगा. सरयू नदी की आरती भी की जाएगी.

रामलीला का भी मंचन तैयार-

सीएम ने कहा कि 4 देशों और 24 प्रदेशों की रामलीला का भी मंचन किया जाएगा. इस योजना पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी. इसलिए इसकी महिमा में कोई कमी नहीं होनी चाहिए. समारोह का सीधा प्रसारण अयोध्या जिले में सभी जगह किया जाएगा. इसके साथ ही 23 से 26 नवंबर तक काशी में गंगा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा और 27 तारीख को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर देव दिवाली का भव्य आयोजन किया जाएगा.