समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद हो रहे मैनपुरी उपचुनाव को लेकर चुनाव प्रचार शबाब पर है। यहां समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार डिंपल यादव को अब तक भाजपा की कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ रहा है।
मगर अब चुनाव प्रचार के बीच ही उत्तर प्रदेश सरकार ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ सकता है। यह कहा जाने लगा है कि भाजपा का यह कदम चुनाव में बैकफायर कर सपा की बड़ी जीत का कारण भी बन सकता है।
दरअसल भाजपा ने डिंपल यादव के लिए प्रचार में उतरे शिवपाल यादव की सुरक्षा में कटौती कर दी है। शिवपाल यादव अब वाई श्रेणी की सुरक्षा में रहेंगे जबकि अभी तक उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त थी। 25 नवंबर को हुई राज्य स्तरीय सुरक्षा समिति में लिए निर्णय को यादव परिवार ने चुनावी मुद्दा बना लिया है।
शिवपाल यादव ने खुद यह कहा कि उन्हें बीजेपी से यही उम्मीद थी। शिवपाल यादव का कहना है कि अब हमारी सुरक्षा हमारे कार्यकर्ता और जनता करेगी। उन्होंने कहा है कि अब डिंपल यादव की जीत और बीजेपी प्रत्याशी की हार और बड़ी होगी।
समाजवादी पार्टी ने मैनपुरी में शिवपाल यादव को मुलायम सिंह यादव के निधन से रिक्त हुए परिवार के मुखिया के रूप में प्रोजेक्ट कर दिया है। तमाम मन मुटाव को दरकिनार करते हुए डिंपल के बुलावे पर शिवपाल यादव न सिर्फ प्रचार में उतर गए हैं बल्कि चुनावी मंच पर अखिलेश यादव ने उनके पैर छूकर सारे गिले शिकवे भी दूर कर दिए हैं।
ऐसे में पूरा यादव परिवार मुलायम सिंह यादव की इस सीट पर प्राण प्रण से जुट गया है। सहानुभूमि के साथ अब शिवपाल की सुरक्षा में कटौती से मामला सपा के पक्ष में जाते की बात अब कही जाने लगी है।