उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में घर की दीवार पर चढ़े बाघ का वीडियो वायरल है। जंगल छोड़ शहर की दीवार पर चढ़े इस बाघ को देखने के लिए पास के मैदान और घरों की छत पर भीड़ जुटी हुई है। अब इस बाघ को वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर अपने कब्ज़े में ले लिया है।
बाघिन को रेस्क्यू किए जाने का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। बताया जा रहा है कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व की माला रेंज से चार किलोमीटर दूर स्थित अटकोना गांव में बाघिन सुखविंदर सिंह के मकान तक जा पहुंची।
वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू शुरू किया पहली डॉट मिस हो गई। दूसरी डॉट बाघिन ने मुंह से निकाल दिया, तीसरी डॉट भी मिस हो गई,,चौथी डॉट लगने पर बाघिन कुछ देर लड़खड़ाते हुए चली और फिर बेहोश हो गई। इसके बाद बाघिन को पिंजरे में कैद कर टीम अपने साथ ले गई।
वन विभाग की टीम लगातार टाइगर रिजर्व से सटे गांवों का दौरा कर रही है और बाघ मित्रों की मदद से उन्हें जागरूक कर सावधान रहने के लिए सचेत कर रही है और सुरक्षित रहने के टिप्स दे रही है। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती ठंड के कारण बाघ के गद्देदार पैरों की नसें फट जाती हैं, जिससे बाघ जंगल से बाहर चला जाता है।
वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक बढ़ती ठंड के कारण बाघ अक्सर जंगल से बाहर खेतों की ओर रुख कर रहे हैं। इन दिनों, बाघ जंगल के बीच में कंटीली घास और सूखी मिट्टी पर नहीं चल सकते हैं, इसलिए वे खुद को ठंड से बचाने के लिए खेतों, ढीली, ढेलेदार जमीन या गन्ने के खेत की ओर चले जाते हैं।