मध्यप्रदेश में विश्वविद्यालयों में कुलपति पद का नाम अब कुलगुरु होगा। करीब सवा साल पुराने इस फैसले पर मंगलवार को होने वाली मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिल सकती है।

बड़ी बात यह है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिवराज सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रहने के दौरान 8 दिसंबर 2022 को हुई बैठक में यह फैसला लिया था। तब तय हुआ था कि विश्वविद्यालयों के प्रमुख कुलपति पद का नाम बदला जाएगा। तब इस पर अमल न हो सका था। 

अब मुख्यमंत्री यादव अपने उस फैसले पर अमल करने जा रहे हैं और उच्च शिक्षा विभाग की ओर से आने वाले प्रस्ताव पर मोहन कैबिनेट कुलगुरु नाम पर मुहर लगाएगी। इस तरह अब मध्यप्रदेश में कुलपति पद का नाम अब कुलगुरु हो जाएगा।

फैसले पर राज्यपाल मंगू भाई पटेल की सहमति मिलने के बाद CM मोहन यादव ने  कहा था कि कुलपति नाम पर लोग मजाक उड़ाते हैं, इसलिए गुरुजनों के सम्मान वाली हमारे देश की संस्कृति के हिसाब से अब कुलपति का नाम कुलगुरु किया जाएगा। जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर उसे मंजूरी दी जाएगी।