मप्र में भाजपा सरकार और प्रतिपक्ष कांग्रेस, दोनों ही इलेक्शन मोड में हैं लेकिन इससे पहले गुजरात विस चुनाव के बहाने दोनों खुद को वार्म- अप भी करेंगे। खासतौर पर मप्र भाजपा के नेता गुजरात में सक्रिय हो गये हैं। दरअसल, मप्र में भाजपा सरकार का पूरा फोकस आदिवासी क्षेत्रों पर है और संयोग से गुजरात में भी आदिवासी वर्ग करीब तीन दर्जन सीटों पर अहम रोल में रहता है। मप्र के कई नेताओं को यहीं की जिम्मेदारी है। आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुजरात में दस्तक दी, वे दिनभर में कई सभाओं को संबोधित कर रहे हैं। उनके निशाने पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी हैं।

गौरतलब है कि गुजरात की लगभग तीन दर्जन विस सीटें मप्र की सीमा से सटी हुई हैं। मप्र के आधा दर्जन मंत्री, कई विधायक व पदाधिकारी भी गुजरात ड्यूटी पर हैं। वहीं कांग्रेस के भी दर्जनभर विधायकों के दौरे चल रहे हैं। गुजरात में चुनाव प्रचार के लिए भाजपा नेता व मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्टार प्रचारक की भूमिका में हैं। जबकि गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह, विश्वास सारंग, मोहन यादव, इंदर सिंह परमार, अरविंद भदौरिया, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव और जगदीश देवड़ा समेत अन्य नेता चुनाव प्रचार के लिये क्षेत्रवार दौरें करेंगे। उन्हें क्षेत्र दिये गये हैं। मिश्रा को तो बनासकांठा जिले की सभी 9 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा का यहां आदिवासी बेल्ट पर पूरा फोकस बना हुआ है।

शिवराज की आज चार सभाएं

सीएम शिवराज आज दस घंटे में चार सभाएं कर रहे है। वे देर रात भोपाल वापस लौटेंगे। गुजरात विधानसभा चुनाव में मप्र के कई नेता मंत्री लंबे समय से गुजरात में ही डेरा डाले हुए हैं। अब पहले चरण का प्रचार का अंतिम दौर में है। इसलिए सीनियर लीडर्स मैदान में उतरे हुए हैं। शिवराज की आज मांडवी, अबडासा, मोरबी और भावनगर विधानसभाओं में बीजेपी प्रत्याशियों के समर्थन में चुनावी सभाएं हैं।

कांग्रेस नेताओं को जिम्मा 

जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के भी कई नेता गुजरात के चक्कर लगाने लगे हैं। जिन नेताओं को गुजरात चुनाव में जिम्मेदारी दी गई है, उनमें पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, उमंग सिंघार के अलावा कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी भी हैं। इसके अलावा गुजरात की सीमा से लगने वाले जिले झाबुआ, अलीराजपुर सहित अन्य क्षेत्रों के नेताओं को भी गुजरात चुनाव में प्रत्याशियों को जिताने की जिम्मेदारी दी गई। यहां के कई लोकल नेता भी गुजरात में प्रचार में हैं। सूत्रों का कहना है कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को भी गुजरात भेजा जा सकता है।