अजय देवगन की 'दृश्यम' निस्संदेह भारतीय फिल्म उद्योग के सर्वश्रेष्ठ थ्रिलर में से एक थी। अब दृश्यम-2 आज सिनेमाघरों में रिलीज़ हो गई है फिल्म से बहुत उम्मीद लगाई गई है और यह फिल्म इन उम्मीदों पर खरी उतरती नज़र आ रही है। इस बार मुख्य नायक विजय सलगांवकर (अजय देवगन) की चुनौती पहली बार से अलग है।
दृश्यम-2 में विजय सलगांवकर अमीर बन चुका है और अपने परिवार के साथ समृद्ध जीवन व्यतीत करता है लेकिन अतीत अभी भी उनका पीछा नहीं छोड़ता और उन्हें परेशान करता है लेकिन वो अपने परिवार के लिए ऐसा एक्ट करता है जैसे ऐसा कभी हुआ ही नहीं था।
उधर मीरा देशमुख (तब्बू) और उनके पति महेश (रजत कपूर) अपने बेटे का अंतिम संस्कार ठीक से न कर पाने के दर्द के साथ जी रहे हैं। वे अभी भी न्याय चाहते हैं। पुलिस के नए आईजी और मीरा के करीबी दोस्त तरुण अहलावत (अक्षय खन्ना) 'दृश्यम-2' में एंट्री करते हैं। वे एक चतुर पुलिस ऑफिसर हैं और केस को लेकर जुनूनी भी। तो क्या यह विजय सलगांवकर और उनके परिवार के लिए फिर कोई संकट है ?
'दृश्यम-2' में एक अच्छी थ्रिलर होने के सभी एलीमेंट मौजूद हैं। परफॉर्मेंस की बात करें तो अजय देवगन और तब्बू ने छाये हुए है। उनकी आंखें सारी बातें करती हैं। तरुण की भूमिका में अक्षय खन्ना स्वभाव, स्वैग और खतरा लेकर आए हैं। श्रिया सरन भी अच्छी फॉर्म में हैं। फिल्म निर्माता अभिषेक पाठक पीठ थपथपाने के पात्र हैं।
फिल्म प्रदर्शन, तकनीकी पहलू और इमोशन्स हर मोर्चे पर चमकती है। सुधीर के चौधरी का कैमरावर्क शानदार है। देवी श्री प्रसाद द्वारा दिया गया बीजीएम भी फिल्म के लिए अच्छा काम करता है। फिल्म का वाइब कंटेम्परेरी है और आप हर मोर्चे पर रिलेट करेंगे। यह एक बड़े पर्दे की फिल्म भी है क्योंकि फिल्म का अपना माहौल है।
टीवी शो घूम रहे किसी के प्यार में के फैन्स टीवी शो जगताप के नाम से मशहूर अभिनेता सिद्धार्थ बोडके को देखकर खुश होंगे। फ़िल्म का फर्स्ट हाफ एक अविश्वसनीय चरमोत्कर्ष का निर्माण करता है। कुछ को यह थोड़ा अस्पष्ट लग सकता है। एकमात्र बिंदु यह है कि फ्रैंचाइज़ी के प्रशंसकों ने रिलीज़ हुए मलयालम संस्करण को देखा होगा और ट्विस्ट को जानेंगे। दृश्यम 2 एक ऐसी फिल्म है जो आपको हाल में खुश कर देगी और आप कई दिनों तक क्लाइमेक्स के बारे में बात करते रहेंगे। ये एक ऐसी फिल्म है जिसे आपको मिस नहीं करना चाहिए।