समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद अखिलेश और शिवपाल यादव एक साथ, एक मंच पर नजर आने लगे हैं. इस बीच रविवार को सैफई से एक तस्वीर सामने आई, जिससे चाचा-भतीजे के पुनर्मिलन की अटकलों को एक बार फिर बल मिल रहा है.
मुलायम सिंह के निधन के बाद खाली हुई मैनपुरी लोकसभा सीट से डिंपल यादव को उम्मीदवार बनाया गया है. चुनाव प्रचार के दौरान जसवंतनगर में अखिलेश यादव के साथ सपा महासचिव राम गोपाल यादव, प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल यादव और नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी एक साथ मंच पर नजर आए.
मंच पर आते ही अखिलेश ने राम गोपाल यादव और फिर शिवपाल यादव के पैर छुए. साथ ही मंच पर शिवपाल के बेटे आदित्य यादव भी नजर आए. इस दौरान अखिलेश-शिवपाल जिंदाबाद के नारे भी लगे.
नेताजी को याद कर भावुक हुए शिवपाल!
अखिलेश को आशीर्वाद देते हुए शिवपाल यादव ने मंच से कहा कि अब हम सब एक हैं. मंच पर लोगों को संबोधित करते हुए शिवपाल यादव नेताजी को याद कर भावुक हो गए. उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि हमें विधानसभा का रिकॉर्ड तोड़कर डिंपल यादव की बड़ी जीत करवानी है.
चाचा-भतीजे के बीच कभी कोई दूरी नहीं रही-
अखिलेश ने शिवपाल यादव को धन्यवाद देते हुए कहा कि लोग कहते थे कि चाचा-भतीजे के बीच बहुत दूरियां है. बता दें कि चाचा-भतीजे के बीच कोई दूरी थी ही नहीं. चाचा-भतीजे में मैंने कभी दूरियां नहीं मानीं. सिर्फ़ कुछ राजनीति दूरियां थी लेकिन "आज चाचा से राजनीतिक दूरियां भी दूर हो गईं. अब घबराहट तो बीजेपी को हो रही होगी.