मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के चार दिन बाद भी भाजपा मुख्यमंत्री का चेहरा तय नहीं कर पाई है। पार्टी दो दिन से दिल्ली में इस कवायद में जुटी है। अब तक तो ये कवायद किसी नतीजे पर नहीं पहुँच सकी है।  

भाजपा में सीएम के लिये शिवराज के अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरेंद्र सिंह तोमर, वीडी शर्मा, प्रहलाद पटेल व कैलाश विजयवर्गीय के नाम भी उछल रहे हैं लेकिन यह भी कयास हैं कि हाइकमान यदि नेतृत्व की बागडोर बदलता है तो कोई अनपेक्षित चेहरा भी सामने आ सकता है।

जानकार सूत्रों का कहना है कि भाजपा ने चुनाव जीतने वाले सभी सांसदों के इस्तीफे लेने के बाद यह संकेत तो साफ कर दिये हैं कि इन्हें अब मप्र की राजनीति करना है और लोकसभा चुनाव के लिये दूसरे चेहरे आगे बढ़ाए जाएंगे, लेकिन मुख्यमंत्री के नाम पर पार्टी के रणनीतिकारों में नये प्रयोग को लेकर कुछ असंमजस भी अब नजर आने लगा है।

माना जा रहा है कि पार्टी पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद ही आगे फैसला करेगी, क्योंकि चार महीने बाद ही लोकसभा चुनाव भी सामने हैं। इधर ? मौजूदा सीएम शिवराज ने खुद को लोकसभा चुनाव की तैयारी में लगा रखा है वे कल छिंदवाडा में थे और आज झंडा दिवस पर सेना अधिकारियों से मिलने के बाद श्योपुर पहुंचे हैं।