सोशल मीडिया पर इस तरह के मैसेज फ्लोट होते रहते हैं जिन्हें जरूरत होती है उसके जाल में फंस जाते हैं। जैसे पहले लोग सूदखोरों के चंगुल में फंसते थे उसी तरह से आम लोग लोन एप के चक्कर में फस जाते हैं। जब लोन वापसी की बारी आती है और यदि आप किसी भी तरह से चूक जाते हैं या देरी कर देते हैं तो फिर आपके साथ ठीक उसी तरह का व्यवहार होता है जैसे सूदखोर करते थे।
गुंडों की जमात है जो आपको बिना किसी शर्त के लोन तो दे देते हैं लेकिन लेते टाइम सारे रूल्स एंड रेगुलेशन भूल कर गुंडों की तरह बर्ताव करने लगते हैं। इंस्टेंट लोन एप्स माफिया गिरोह है। इस तरह लोन लेना मुसीबत से कम नहीं है। क्योंकि इसकी वसूली के लिए मनमाने तरीके अख्तियार किए जाते हैं। अब तक सैकड़ों लोग इनके दबाव के चलते सुसाइड कर चुके हैं। यह एप्लीकेशन सीधे-साधे लोगों को प्रलोभन देकर अपने चंगुल में फंसा लेते हैं। डिजिटल लोन का कारोबार भारत में 300 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है जो आगे और बढ़ने का अनुमान है। 1120 लोन एप्स में से लगभग 600 लोन एप्स अवैध हैं।यह हम नहीं आरबीआई की रिपोर्ट कहती है। 500% से ज्यादा ब्याज की वसूली करते हैं। मार्केट में शैडो बैंक का दायरा बढ़ता जा रहा है।
शैडो बैंक वह है जो सामान्य बैंकिंग रेगुलेशन से बाहर होती हैं। यदि आपको लोन लेना है तो किसी सरकारी या प्राइवेट बैंक जाएं। रिजर्व बैंक की गाइडलाइन को फॉलो करें।
किसी भी हाल में लोन लेने से पहले चेक करें कि ये RBI अप्रूव्ड है या नहीं। Rbi की गाइडलाइन है दोस्तों रिश्तेदारों को कॉल नहीं किया जाएगा लेकिन डिजिटल एप्स में इस बात का पालन नहीं किया जाता, लोन लेने वाले से शालीनता से बात नहीं की जाती, उन्हें डराया धमकाया जाता है। यदि आप ऐसे किसी फेर में पड़ गए हैं तो आप आरबीआई के सचेत पोर्टल पर इसकी शिकायत कर सकते हैं।