Anantnag Encounter: देश ने सेना के तीन जवान जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में बुधवार (13 सितंबर) को आतंकियों से एनकाउंटर में खो दिए हैं. कश्मीर जोन पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धोनैक और डीएसपी हुमायूं भट्ट ने इस सर्च ऑपरेशन के दौरान सामने से नेतृत्व करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी. हालांकि, एक अन्य जवान अभी भी लापता है.

इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट यानी TRF ने ली है. इस घटना के बाद से ही पूरे देश में आक्रोश साफ़ तौर पर देखा जा सकता हैं. कश्मीर घाटी में पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी हो रही है और पुतले भी जलाए जा रहे हैं.
जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि तीनों जवानों की अटल वीरता को सच्ची श्रद्धांजलि देते हुए हमारी सेनाएं गुरुवार सुबह से ही उजैर खान सहित लश्कर के दो आतंकवादियों को घेरने में दृढ़ संकल्प के साथ जुटी हुई है. आतंकियों को घेरने के लिए पुलिस और सेना की संयुक्त टीम फुल प्रूफ प्लान के साथ घाटी में उतरी हुई है. सेना ने अनंतनाग जिले में लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादियों को ‘घेर’ भी लिया है. अब किसी भी वक्त ऑपरेशन खत्म हो सकता है.

बता दें कि अनंतनाग जिले के कोकेरनाग इलाके में बुधवार यानी 13 सितंबर को सर्च ऑपरेशन के वक्त आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में 19 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर समेत एक मेजर रैंक के अधिकारी और एक पुलिस उपाधीक्षक शहीद हो गए थे. इन सभी जवानों ने बड़ी बहादुरी के साथ आगे आकर आतंकियों को मुहतोड़ जवाब देते हुए अपने प्राणों की आहुति दी.