Mahadev Satta App Case: महादेव सट्टा एप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बड़ी सफलता मिली है. दरअसल, ईडी ने महादेव सट्टा ऐप के मेन ऑपरेटर गिरीश तलरेजा को भोपाल में गिरफ्तार कर लिया है. रायपुर ईडी को जांच में पता चला था कि गिरीश तलरेजा और रतनलाल जैन ने शुभम सोनी के साथ करोड़ों रुपयों का ट्रांसजेक्शन किया था.

वहीं, भोपाल ईडी की टीम गिरीश तलरेजा को आज रायपुर ईडी को सौंपेगी. फ़िलहाल, रतनलाल जैन लंबे समय से फरार है. दूसरी ओर, ईडी की एक टीम छत्तीसगढ़ के कोरबा भी पहुंची. यहां पर कांग्रेस नेता व ठेकेदार जय प्रकाश अग्रवाल के डीडीएम रोड स्थित आवास पर टीम ने कार्रवाई की. इस छापेमारी की वजह डीएमएफ और मनी लॉन्ड्रिंग बताई जा रही है.

हालांकि, इस संबंध में कोई अधिकारिक पुष्ट सामने नहीं आई है. डीडीएम रोड स्थित उनके निवास के बाहर सुबह से सीआरपीएफ के जवानों का पहरा रहा और अंदर ईडी के अधिकारी छानबीन करते रहे. जानकारी के मुताबिक, 2 गाड़ियों में 9 अधिकारी यहां पहुंचे हैं. जयप्रकाश अग्रवाल लायंस क्लब के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर और मल्टीपल चेयरमेन रहे हैं. साथ ही वे पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के करीबी माने जाते हैं. 

ईडी द्वारा उनके आवास पर दी गई दबिश को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं. ईडी के अधिकारी रेड की असली वजह नहीं बता रहें. बताया जा रहा है कि जयप्रकाश के एक रिश्तेदार का कनेक्शन महादेव एप में मनी लांड्रिंग से है. इसका पुख्ता इनपुट मिलने पर ईडी की टीम ने दबिश दी है. ईडी ने कोरबा के अलावा जशपुर में भी दबिश दी है. ईडी की टीम ने मनोरा जनपद सीईओ वीरेंद्र सिंह राठौर के सरकारी निवास पर छापा मारा. 

यहां आज सुबह दो गाड़ियों में ईडी की टीम पहुंची. घर के अंदर ईडी के चार अधिकारी जांच कर रहे हैं. उनके घर के बाहर सुरक्षाकर्मी तैनात हैं. दरअसल, वह मनोरा से पहले कोरबा जिले में पदस्थ थे. साथ ही अंबिकापुर में भी ईडी ने राम निवास कॉलोनी स्थित व्यवसायी अशोक अग्रवाल के घर पर दबिश दी. यहां ईडी के अधिकारी अग्रवाल से पूछताछ कर रहे हैं. बता दें कि अशोक अग्रवाल ठेकेदारी और मेटेरियल सप्लायर का काम करते हैं.