भोपाल। मध्यप्रदेश के वाशिंदों को एक और अहम सौगात मिलने जा रही है. यहां से प्रस्तावित दिल्ली—नागपुर इंडस्ट्रियल कारिडोर गुजरेगा। गुरुवार को इसके संबंध में वीडियो कान्फ्रेंसिंग हुई जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान जबलपुर एयरपोर्ट से सीधेे जुड़े। देश के छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सीधी बातचीत की। देशभर में कुल 11 इंडस्ट्रियल कारिडोर बनाए जा रहे हैं।
इस वीडियो कान्फ्रेंसिंग में इंडस्ट्रियल कारिडोरों के सभी प्रस्तावों को प्राथमिकता से पूरा करने पर जोर दिया गया। इसमें सीएम शिवराजसिंह ने कहा कि इस परियोजना का कार्य जितनी जल्दी होगा, मध्यप्रदेश को उतना ही अधिक लाभ मिलेगा। इंडस्ट्रियल कारिडोर मानिटरिंग अथारिटी की बैठक में सीएम ने बताया कि मध्यप्रदेश में इसके लिए कई जगहों पर अलग-अलग क्लस्टर बनाए गए हैं. इसके लिए जमीन देने का काम भी शुरु कर दिया है। मुख्यमंत्री चौहान ने इंडस्ट्रियल कारिडोर बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि ये प्रधानमंत्री मोदी के विजन का ही कमाल है जिससे सभी राज्यों की जनता को लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में भी मध्यप्रदेश तेज गति से काम किया।
दिल्ली-नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के संबंध सीएम ने एक और अहम बात कही. शिवराजसिंह ने बताया कि एमपी में दिल्ली नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और अटल एक्सप्रेस-वे जुड़ जाएंगे. जहां से इंडस्ट्रियल कॉरिडोर निकलेगा, वहां से अटल एक्सप्रेस-वे का कार्य भी प्रारंभ कर रहे हैं। भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे 330 किलोमीटर के अटल एक्सप्रेस वे के दोनों और भी इंडस्ट्रियल कारिडोर विकसित किया जा रहा है। इसके लिए 11 हजार एकड़ जमीन चिन्हित कर ली गई है और इंडस्ट्रियलिस्ट को ये जमीन देने की योजना भी तैयार है।
गौरतलब है कि प्रस्तावित दिल्ली नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर प्रदेश के उत्तर से दक्षिणी हिस्से तक निकलेगा. यह कारिडोर दिल्ली से एमपी के जिलों मुरैना, ग्वालियर, गुना, भोपाल, नर्मदापुरम और बैतूल से होकर निकलेगा.