MP Election 2023: मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस ने संभलकर चलना शुरू कर दिया हैं. कभी बजरंग दल पर सख्त रुख दिखाने वाले राज्यसभा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अब अपने तेवर नरम कर प्रदेश की सियासत में हलचल मचा दी है.

दिग्विजय सिंह का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब मध्य प्रदेश के चुनावी माहौल में हिन्दू राष्ट्र की मांग ज़ोर पकड़ रही हैं. बीजेपी हो या फिर कांग्रेस दोनों ही दल हिंदुत्व की राह पर चलकर हिंदू वोट बैंक को साधने में लगे हुए हैं.

हालांकि, दिग्विजय सिंह का यह बयान लोगों को हैरान भी कर रहा हैं. क्योंकि, कांग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के समय अपने घोषणा पत्र में बजरंग दल को बैन करने की मांग उठाई थी. जिस पर देश भर में जमकर सियासत भी हुई. लेकिन, ये बात अलग है कि इसके बावजूद भी कांग्रेस को जीत हासिल हुई.

अब दिग्विजय सिंह ने उसी बजरंग दल को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा, अगर मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधानसभा चुनाव जीती तो हम बजरंग दल पर प्रतिबंध नहीं लगाएंगे. क्योंकि, बजरंग दल में कुछ अच्छे लोग भी हो सकते हैं. लेकिन, हम दंगों या हिंसा में शामिल किसी को भी नहीं छोड़ेंगे.

यह बयान दिग्विजय सिंह ने बुधवार को भोपाल में दिया. तभी उनसे हिंदुत्व को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, मैं प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री जी से पूछना चाहता हूं कि उन्होंने भारतीय संविधान की शपथ ली है या फिर हिंदू राष्ट्र की. उनका ये बयान सीधे तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को चुनौती देता नज़र आया.

ऐसा इसलिए क्योंकि छिंदवाड़ा में पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा के दौरान भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के ऐलान की खबरों पर कमलनाथ ने कहा था कि धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदू राष्ट्र की बात नहीं की. उन्होंने सिर्फ सर्वधर्म की बात कही है. हिंदू राष्ट्र बनाने की बात क्या है, यहां 82 प्रतिशत हिंदू तो हैं. यह हिंदू राष्ट्र है, कहने की क्या आवश्यकता है? यह तो आंकड़े बताते हैं.

फ़िलहाल, कर्नाटक चुनाव के समय शुरू हुआ ‘बजरंग दल’ बैन का विवाद अब दिग्विजय सिंह के बदलते नज़रिए के बाद मध्यप्रदेश में भी ज़रूर सुनाई देगा. बीजेपी इसे मुद्दा बनाकर कांग्रेस को घेरने में कोई कसर तो नहीं छोड़ेगी.