MP Politics: मध्यप्रदेश में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में सियासी सरगर्मियां काफी तेज़ हैं. चुनावी साल में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मध्यप्रदेश सरकार के वित्त विभाग पर बीजेपी का चुनावी एजेंडा पूरा करने के लिए आंकड़ों में हेरफेर करने का आरोप लगाया है.

इसके लिए उन्होंने बाकायदा अपने ट्विटर हैंडल ‘X’ से ट्वीट पोस्ट करते हुए अधिकारियों को चेतावनी तक दे दी. उन्होंने एक पोस्ट में लिखा, मध्य प्रदेश सरकार के वित्त विभाग के अधिकारियों को प्रदेश के आर्थिक हालात को देखते हुए सचेत रहने की आवश्यकता है.

चुनावी एजेंडे में सरकार का पैसा डायवर्ट किया जा रहा-

दिग्विजय सिंह ने आगे लिखा, बीजेपी के चुनावी एजेंडा को पूरा करने के लिए वित्त विभाग के आला अधिकारी आंकड़ों की बाजीगरी कर प्रदेश की पहले से डगमगाई वित्तीय हालत को और हानि पहुंचा रहे हैं.

उन्होंने बताया कि वित्त विभाग द्वारा 137 योजनाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. वहीं, अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं में भी बजट को अघोषित तौर पर रोककर बीजेपी के चुनावी एजेंडे में सरकार का पैसा डायवर्ट किया जा रहा है. इस तरह वित्त विभाग के आला अधिकारी कई महत्वपूर्ण खर्चे को वर्तमान के लिए टालकर भविष्य के लिए बड़ी देनदारी खड़ी कर रहे हैं.

कांग्रेस सरकार बनने के बाद जांच कराई जाएगी- दिग्विजय सिंह

दिग्विजय सिंह ने कहा, मुझे सूचना मिली है इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निचले अधिकारियों पर मनमाफिक नोटशीट लिखने के लिए दबाव बनाया जा रहा है. मुझे सूचना है कि कई विभागों की कई निधियां जो वित्त विभाग के पास संधारित है उसमें से अघोषित तौर पर वित्त विभाग द्वारा सरकार के चुनावी एजेंडे हेतु पैसा खर्च कर दिया गया है. जिसके कारण प्रदेश का वास्तविक ऋण वित्त विभाग द्वारा दिखाए गए आंकड़े से कहीं ज्यादा है.

उन्होंने कहा, मैं गड़बड़ करने वाले अधिकारियों को चेतावनी देना चाहता हूं कि कांग्रेस की सरकार आने के बाद इन कार्यकलापों की सघन जांच कराई जाएगी और गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी चाहे वो किसी भी वरिष्ठता के क्यों ना हो.