भोपाल: प्रदेश के जंगलों में वनवासियों के धार्मिक स्थलों पर आवाजाही निर्बाध करने के राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने निर्देश दिये हैं। ये निर्देश राजभवन में बने जनजातीय प्रकोष्ठ की बैठक में दिये गये हैं।
दरअसल, राज्यपाल वनाधिकार के तहत वनवासियों को जंगलों के अंदर बने उनके धार्मिक स्थलों तक आने-जाने के लिये सामुदायिक अधिकार दिलवाना चाहते हैं। हालांकि इस निर्देश से वन विभाग असहज है। दरअसल वन विभाग ने काफी समय पहले से टाईगर रिजर्वस में आने वाले धार्मिक स्थलों का सर्वे कर उन्हें चिन्हित किया हुआ है तथा विभिन्न अवसरों या तिथियों पर इनमें मेले आदि हेतु आवाजाही के लिये वनवासियों को जंगल में प्रवेश की अनुमति दी हुई है। लेकिन अब शेष वन अभयारणयों एवं वनमंडलों के पुराने एवं नये धार्मिक स्थलों में आने-जाने के लिये यह अनुमति मांगी जा रही है।
यहां तक कि नौरादेही अभयारण्य के अंदर से कांवड़ यात्रा निकालने की अनुमति मांगी जा रही है। इससे वन विभाग असहमत है। अब चूंकि राज्यपाल ने इस आवा-जाही को निर्बाध करने के निर्देश दिये हैं, इसलिये इस कार्य को कैसे किया जाये, इस पर वन विभाग के आला अफसर मंथन कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि वनों एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिये वन विभाग विभिन्न वन कानूनों के तहत प्रवेश नियंत्रित करता है। ऐसा ही सामुदायिक अधिकार वन वासियों को जंगल के अंदर से उनके हाट बाजार, अंत्येष्टि स्थल आदि तक जाने का देने के भी निर्देश दिये गये हैं।