सीएम का एलान

गुना की गोलीबारी में शहीद हुए पुलिस के तीनों अधिकारी/ कर्मचारियों के परिजनों को  एक-एक करोड़ रुपए की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी,अतिम संस्कार में जिलों के प्रभारी मंत्री शामिल होंगे 7 शिकारी शामिल थे। उनमें से एक शिकारी क्रास फायरिंग में मारा गया, अपराधियों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही करेंगे

           मध्य प्रदेश की पुलिस मुस्तैदी से जान की बाजी लगाकर कर्तव्य निर्वहन कर रही है । रात्रि में भी पुलिस पेट्रोलिंग नियमित व निरंतर हो रही है इसीलिए शिकारियों को घेर पाए। के अनुसार, पुलिस को शिकारियों द्वारा काले हिरण का शिकार करने की सूचना मिली थी. जिसके बाद देर रात पुलिस ने शिकारियों को आरोन थाना क्षेत्र के बरखेड़ा गांव में घेर लिया. पुलिस द्वारा चारों तरफ से घिर जाने के बाद शिकारियों ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं. जिसमें एसआई राजकुमार जाटव, हवलदार संतराम मीना, आरक्षक नीरज भार्गव की मौत हो गई. 

शिकारियों से मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मियों की गोलियां लगने से मौके पर मौत

- गुना जिले के आरोन थानाक्षेत्र के मौनवाड़ा के जंगल की घटना
भोपाल. गुना जिले के आरोन थानाक्षेत्र में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात पुलिस और शिकारियों के बीच मुठभेड़ में एक एसआइ सहित तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई.
जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात करीब 12.30 बजे आरोन थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि शहरोक गांव की पुलिया से आगे मौनवाड़ा के जंगल में शिकारियों द्वारा ब्लैक बग हिरण और मोर का शिकार किया गया है. इस पर थाने से एसआइ राजकुमार जाटव, प्रधान आरक्षक नीरज भार्गव और आरक्षक संतराम मीना सहित सात लोग दो चार पहिया और एक बाइक से जंगल की ओर रवाना हुए. इस दौरान पुलिस ने चार मोटरसाइकिल से आए दो-तीन शिकारियों को पकड़ लिया. लेकिन तभी पीछे से आए शिकारियों के अन्य साथियों ने फायरिंग शुरू कर दी. इसमें तीन पुलिसकर्मियों प्रत्येक को सात से आठ गोलियां लगने से मौके पर मौत हो गई, जबकि अन्य भाग निकले. मुठभेड़ में मौत होने वालों में पुलिसकर्मी राजकुमार जाटव, नीरज भार्गव और संतराम शामिल हैं, जिनका जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम जारी है. वहीं सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से से हिरण, मोर के शव भी बरामद किए हैं. जबकि आरोपित फरार हो गए हैं. इधर, अभी कोई पुलिस अधिकारी ज्यादा कुछ जानकारी देने से बचते नजर आ रहे हैं.

 

इनका कहना
अत्यंत दुखद,प्रदेश को शर्मशार करदेने वाली घटना।दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.
विजय शाह, वन मंत्री