भोपाल: राज्य में पेसा नियम के तहत आदिवासी बहुल 303 ग्राम सभाओं ने इस साल 37 हजार 521 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण किया है। ये ग्राम सभायें वे हैं जिन्होंने इस साल स्वयं से तेंदूपत्ता का संग्रहण एवं उसका विपणन करने का निर्णय लिया है। ये 303 ग्राम सभायें 24 जिलों की 17 जिला यूनियनों के अंतर्गत आती हैं। उल्लेखनीय है कि पेसा नियम के तहत प्रदेश में ग्राम सभाओं द्वारा स्वयं से तेंदूपत्ता का संग्रहण एवं विपणन करने का कार्य वर्ष 2023 से प्रारंभ किया गया है। वर्ष 2023 में 268 ग्राम सभाओं ने 13 हजार 357 मानक बोरा, वर्ष 2024 में 243 ग्राम सभाओं ने 22 हजार 212.164 मानक बोरा तथा वर्ष 2025 में 224 ग्राम सभाओं ने 25 हजार 673.485 मानक बोरा तेंदूपत्ता का स्वयं से संग्रहण किया था।
स्वयं संग्रहण करने का विकल्प देने वाली ग्राम सभाओं ने वर्ष 2023 में 4 करोड़ रुपये, वर्ष 2024 में 8 करोड़ 88 लाख रुपये तथा वर्ष 2025 में 10 करोड़ 27 लाख रुपये संग्रहण पारिश्रमिक प्राप्त किया था जबकि इस साल वर्ष 2026 में लगभग 15 करोड़ 84 हजार रुपये संग्रहण पारिश्रमिक प्राप्त किया है। उल्लेखनीय है कि पेसा नियम के तहत अनुसूचित क्षेत्र की ग्राम सभायें स्वयं से तेंदूपत्ता का संग्रहण एवं विपणन करने के लिये स्वतंत्र हैं परन्तु इसके लिये उन्हें वन विभाग के लघु वनोपज संघ को हर साल 15 दिसम्बर तक इस कार्य हेतु सहमति देनी होती है। ऐसी ग्राम सभाओं को लघु वनोपज संघ द्वारा पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाता है और साथ ही इन्हें बोरा, स्टेशनरी, गोदाम की व्यवस्था भी निर्धारित दरों पर की जाती है जबकि विपणन में घाटा होने पर उसकी भरपाई भी लघु वनोपज संघ इन ग्राम सभाओं को करता है।