कलेक्टर आशीष सिंह ने कलेक्टर कार्यालय में राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की। इस दौरान समय सीमा से अधिक समय तक राजस्व प्रकरणों का निराकरण नहीं करने पर कलेक्टर ने सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी एसडीएम के 7 दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने जिले में अविवादित नामांतरण, विवादित नामांतरण, अविवादित बंटवारा, सीमांकन, नक्शा तरमीम के प्रकरणों की तहसीलवार समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि यह अत्यंत चिंता का विषय है कि जिले में राजस्व प्रकरणों के निराकरण की रेंकिंग बढ़ने की बजाय घट रही है। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि सभी राजस्व अधिकारी राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लायें अन्यथा कठोर कार्यवाही के लिए तैयार रहें।

उन्होंने एसडीएम से कहा कि वे तहसीलदार, पटवारी, आरआई सहित सभी निचले स्तर के अमले से गंभीरतापूर्वक कार्य करायें। कार्यों की सतत मॉनीटरिंग करें। आपकी एक्टिव मॉनीटरिंग दिखना चाहिये। उन्होंने सभी एसडीएम से कहा कि यदि आपको लगता है कि निचले स्तर के अमले द्वारा गंभीरतापूर्वक कार्य नहीं किया जा रहा है या कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है तो इसकी सूचना मुझे दें, ऐसे अधिकारी-कर्मचारियों पर सख्त कार्यवाही की जायेगी। 

कलेक्टर  आशीष सिंह ने सभी तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे एसडीएम के मार्गदर्शन में कार्य करें। उन्होंने कहा कि आपका काम नागरिकों की बातों और आंकड़ों पर दिखना चाहिये। आपके काम में सकारात्मक प्रगति और अंतर दिखना चाहिये। आमजन की आप तक  सहज पहुंच हो। आमजन को आपसे मिलने के लिए भटकना नहीं पड़े। जब आप सहज रूप से आमजनों से मिलकर उनके प्रकरणों का निराकरण करेंगे तो स्वत: ही आपका काम नागरिकों की बातों और आंकड़ों पर दिखेगा। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित रहें।