ब्राज़ील का लोकतंत्र इस वक्त खतरनाक मुहाने पर है। पूर्व राष्ट्रपति बोल्सोनारो के समर्थकों ने राष्ट्रपति भवन, संसद और सुप्रीम कोर्ट पर हिंसक हमला कर दिया है। बोल्सोनारो के समर्थक अब चुनी हुई सरकार का हिंसा के जरिए तख्तापलट करने पर आमादा बताये जा रहे हैं। 

ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के समर्थक रविवार को उत्पात मचाते हुए संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट में घुस गए और परिसर में कब्जा करने की कोशिश करने लगे। यहां काफी देर तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए उपद्रवियों को सरकारी इमारतों से बाहर किया। 

इस घटना को लेकर जहां ब्राजील में बोल्सोनारो पर लोकतंत्र को ध्वस्त करने के आरोप लग रहे हैं, वहीं पूर्व राष्ट्रपति ने इस पूरे उपद्रव से खुद को अलग करते हुए समर्थकों की इस हरकत की निंदा की है। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को भी निराधार करार दिया है। 

बोल्सोनारो ने सरकारी इमारतों पर हमले के लिए समर्थकों को भड़काने के ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के आरोपों को भी खारिज कर दिया। अपने ट्वीट में उन्होंने कहा, "कानून के दायरे में शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा हैं। हालांकि, सरकारी इमारतों में घुसपैठ और कब्जे की कोशिश, जैसा की आज, 2013 और 2017 में लेफ्ट सरकार के राज में हुआ, वह कानून का उल्लंघन है।" 

गौरतलब है कि रविवार को लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के विरोध में प्रदर्शनकारी पुलिस बैरिकेड्स को तोड़ते हुए कांग्रेस (संसद भवन), राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट में घुस गए। इन प्रदर्शनकारियों ने हरे और पीले झंडे के कपड़े पहने थे।