MP Election 2023: मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2023 के लिए सभी पार्टियां जोर-आजमाइश में लगी हुई है. वहीं, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी महत्वपूर्ण सीटों पर ध्यान केंद्रित कर रही है. जिसमें महाकौशल संसदीय क्षेत्र की सीटें भी शामिल हैं.

बीजेपी का इन सीटों पर ख़ास फोकस-

बीजेपी इस बार महाकौशल पर खास ध्यान दे रही है. क्योंकि, 2018 के चुनाव में महाकौशल के रास्ते से ही कांग्रेस 15 साल बाद अच्छी बढ़त बनाकर 15 महीने के लिए सत्ता में आई थी. यहां 8 जिलों की 38 विधानसभा सीटों के नतीजे ही लगभग तय कर देंगे कि इस बार मध्य प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी.

बीजेपी द्वारा 17 अगस्त को जारी की गई 39 उम्मीदवारों की पहली सूची में करीब 11 उम्मीदवार क्षेत्र की हारी हुई सीटों से हैं. बीजेपी हो या फिर कांग्रेस दोनों ही दल महाकौशल के ज़रिये विंध्य और बुंदेलखंड को भी फ़तह करने की कोशिश में जुटे हुए हैं.

2018 में बीजेपी को मिली थी निराशा-

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना ​​है कि चुनाव की तारीख घोषित होने से पहले ही 39 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर बीजेपी ने मास्टर स्ट्रोक खेला है. यहां 2018 के विधानसभा चुनाव में आदिवासी सीटों पर बीजेपी को निराशा हाथ लगी थी. इसका सबसे बड़ा कारण आदिवासी आक्रोश माना जाता है. महाकौशल क्षेत्र के आठ जिलों में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित 13 सीटों में से कांग्रेस ने 11 सीटें जीतीं. जबकि, बीजेपी को केवल दो सीटें मिलीं थी.

आदिवासी सीटों पर बीजेपी का पूरा फोकस-

इस कमी को दूर करने के लिए बीजेपी का फोकस पूरी तरह से आदिवासी सीटों पर है. कांग्रेस ने 2018 में कमलनाथ को सीएम का चेहरा बनाकर चुनाव लड़ा था. इसके साथ ही कमलनाथ ने अपने गृह जिले छिंदवाड़ा में भी सभी सात सीटों पर अच्छा प्रदर्शन दिखाया था. जबलपुर जिले की आठ में से चार सीटें भी कांग्रेस ने जीतीं थी.

अब महाकौशल का किला फतह करने के लिए इस बार दोनों ही दलों ने शीर्ष नेतृत्व को मैदान में उतारा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले तीन महीने में तीन बार महाकौशल और आसपास के इलाकों का दौरा कर चुके हैं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी आदिवासी मतदाताओं की बहुलता वाले महाकौशल के दौरे पर लगातार आते-जाते रहे हैं. केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल और फग्गन सिंह कुलस्ते भी पूरी ताकत लगा रहे हैं.

इन जगहों से निकलेंगी जन आशीर्वाद यात्रा-

वहीं, विधानसभा चुनाव से करीब तीन महीने पहले चुनावी तैयारियों के अगले चरण में बीजेपी जन आशीर्वाद यात्रा निकालने जा रही है. इसका रोडमैप भी तैयार कर लिया गया है. यात्रा प्रदेश के अलग-अलग पांच स्थानों से निकलने वाली है. जिसमें विंध्य, महाकौशल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-चंबल संभाग शामिल हैं.

  • पहली यात्रा- विंध्य संभाग के चित्रकूट से 3 सितंबर को प्रारंभ होगी, जिसका शुभारंभ अमित शाह करेंगे.
  • दूसरी यात्रा- महाकौशल के मंडला से 5 सितंबर को प्रारंभ होगी, इसका शुभारंभ भी अमित शाह ही करेंगे.
  • तीसरी यात्रा- इंदौर संभाग के खंडवा से 4 सितंबर से प्रारंभ होगी, जिसका शुभारंभ राजनाथ सिंह करेंगे.
  • चौथी यात्रा- उज्जैन संभाग से 4 सितंबर को प्रारंभ होगी, जिसका शुभारंभ भी राजनाथ सिंह ही करेंगे.
  • पांचवी यात्रा- ग्वालियर-चंबल संभाग के श्योपुर से 6 सितंबर को प्रारंभ होगी, इसका शुभारंभ जेपी नड्डा करेंगे.

 

10 लाख कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे PM मोदी-

बता दें कि यह पाँचों जन आशीर्वाद यात्राएं प्रदेश में 10 हजार 643 किमी की दूरी तय करेंगी. इस दौरान 678 रथ सभाएं, 211 बड़ी सभाएं होंगी. पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर 25 सितंबर को इन पांचों यात्राओं का समागम भोपाल में होने वाले कार्यकर्ता महाकुंभ में होगा. जिसमें 10 लाख कार्यकर्ता सम्मिलित होंगे. कार्यकर्ता महाकुंभ को प्रधानमंत्री मोदी संबोधित करेंगे.