MP News: आगामी लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में बड़ी सेंधमारी की है. छिंदवाड़ा नगर निगम के 7 पार्षद कांग्रेस छोड़कर बीजेपी ख़ेमे में शामिल हो गए हैं. इन सभी को मोहन कैबिनेट में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बीजेपी की सदस्यता दिलाई है.

इससे पहले इन पार्षदों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी मुलाकात की थी. छिंदवाड़ा में बीजेपी की सेंधमारी से सियासत गरमा गई क्योंकि छिंदवाड़ा नगर निगम में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते 7 पार्षद बीजेपी में शामिल हो गए हैं. कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामने वाले पार्षदों में चंदू ठाकरे, धनराज भूरा भावरकर, जगदीश गोदरे, लीना तिरगाम, दीपा माहोरे, बबलू विश्वकर्मा और रोशनी सल्लाम शामिल हैं.

इन पार्षदों के बीजेपी ज्वाइन करने से कांग्रेस छिंदवाड़ा नगर निगम में बहुमत से सीधे अल्पमत में आ गई. वहीं, लोकसभा चुनाव से पहले इसे कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. दरअसल, अब तक बीजेपी ने छिंदवाड़ा जिले में सेंधमारी की थी, लेकिन इस बार पार्टी ने शहरी क्षेत्र में भी कांग्रेस को झटका दिया है.

बता दें कि छिंदवाड़ा नगर निगम में कुल 48 वार्ड हैं. नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस के 27 पार्षद चुनाव जीते थे, जबकि 20 पार्षद बीजेपी के चुने गए थे. एक निर्दलीय पार्षद ने भी जीत हासिल की थी, जो बाद में कांग्रेस में चले गए थे. इस तरह से 28 पार्षदों के साथ कांग्रेस ने पूर्ण बहूमत के साथ नगर निगम में अपना अध्यक्ष बनाया था.

हालांकि, अब 7 पार्षद बीजेपी में शामिल हो गए हैं. ऐसे में बीजेपी पार्षदों की संख्या 20 से बढ़कर 27 हो गई है, जबकि कांग्रेस पार्षदों की संख्या 27 से घटकर 21 हो गई, जिससे कांग्रेस नगर निगम में अल्पमत में आ गई है. ऐसे में बीजेपी नगर निगम में अपना अध्यक्ष बना सकती है. साथ ही इन पार्षदों के बीजेपी में शामिल होने से छिंदवाड़ा में कांग्रेस के महापौर विक्रम अहाके पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि वह सीधे जनता द्वारा चुने गए हैं.

लोकसभा चुनाव के मद्देनजर छिंदवाड़ा सीट को फ़तह करने के लिए बीजेपी पूरी ज़ोर आजमाइश में लगी हुई हैं. इसके लिए बीजेपी ने सीनियर लीडर कैलाश विजयवर्गीय को छिंदवाड़ा का प्रभारी बनाया है, जो सियासी मैनेजमेंट में माहिर माने जाते हैं. इससे पहले भी कई कांग्रेसी नेता और पार्षद बीजेपी में शामिल हो चुके हैं.