आज करवाचौथ का पर्व है। इस पर्व को पति-पत्नी के आपसी विश्वास और प्रेम का पर्व माना जाता है प्रेम और विश्वास की नीव पर ही वैवाहिक जीवन टिका होता है क्योंकि शादी को एक पूरा इंस्टीट्यूशन कहा जाता है। जानिए क्या-क्या कहा जाता है, कितनी समझाइशें दी जाती हैं, निबाह की क़समें रस्में सब होती हैं, लेकिन इसकी नज़ाक़त जरा भी कम नहीं होती।

दरअसल, दाम्पत्य की मजबूती उन दो लोगों की सोच पर निर्भर करती है, जो इस रिश्ते को बनाते हैं, यानी पति और पत्नी। करवा चौथ के अवसर पर इसके राज जानते हैं शादी को निभाने के राज़।

तय करें कि आप रिश्ते में किसे तरजीह देते हैं, खुद की मर्जी को या शांति को?
स्कूल के बच्चों की तरह लड़ाई न करें। बार-बार एक ही बात पर लड़ने से जाहिर होता है, कि रिश्ते में बचपना है। अगर आपके बच्चे हैं, तो और भी ध्यान रखें। आपका एक-दूसरे के प्रति बर्ताव देखकर ही वे अपने भावी रिश्तों के निबाह को समझेंगे और करेंगे। गिनती को रिश्ते से दूर रखें। मैंने चार बार कमरा साफ़ कियाहै, मैंने पानी भरा, टेबल साफ की और भी बहुत कुछ एक-दूसरे की मदद करते हुए चलें। जो फ़ारिग हो वो काम कर दें।
काम गिनवाना एक अनकही होड़ शुरू कर देने जैसा लगता है, कि कौन ज्यादा काम करता है।
बदलाव तो आएंगे ही, तो शोर मचाने से क्या होगा ?
परिवर्तन की आशा भी रखें और स्वीकृति भी । बदलाव आएगा ही। बाल सफ़ेद होंगे, कोई छोटा-मोटा रोग भी आ सकता है, मोटापा भी और झुर्रियां भी होंगे ही। रूप-रंग के अलावा, कभी तौर-तरीके भी बदल सकते हैं। इसके लिए ताने मारना या दूसरों के सामने लज्जित करना ठीक नहीं है। अगर एक-दूसरे के प्रति ईमानदारी और जीवन मूल्य वही हैं, तो फिर फिक्र किस बात की।
अगर आप कोई समान शौक़ रखते हैं, तो बहुत अच्छा है। मिलकर उसका आनंद लें, लेकिन अगर ऐसा नहीं है, तो अपने-अपने शौक़ अपने तरीक़े से पूरे करें। दूसरे को उसमें जबरन घसीटने की कोशिश न करें। जितनी रिश्ते में खुलेपन की गुंजाइश होगी, उतना ही अच्छा होगा।

शब्द सब कह देते हैं कि रिश्ते में कितनी गहराई है
यह याद रखिए कि शादी कोई 100 मीटर की रेस नहीं है। ये मैराथन की तरह होती है। इसे तुरत-फुरत निपटा लेने वाला रूप नहीं देना चाहिए। 'अच्छा चलो, बकवास छोड़ो, बात खत्म करो' ऐसी भाषा में बात करने से कुछ और खत्म होने लगता है।
एक-दूसरे के लिए सम्मानजनक शब्दों का इस्तेमाल करना भी उतना ही ज़रूरी होता है। मान चला जाए, तो केवल रोजमर्रा की जिंदगी का ढर्रा रह जाता है, जिसमें कोई सच्ची खुशी नहीं बचती । अगर आपको लगे कि जीवन में नीरसता आ रही है, ऊब भर रही है, तो अपने लिए प्रसन्नता या व्यस्तता के रास्ते खोजें । इसे शिकायत का मुद्दा न बनाएं। अगर आप ऊब महसूस कर रहे हैं, तो राह भी आप दोनों को ही मिलकर खोजनी होगी। इसका हल निकालें।

कोई ऐसा है, जो सदा साथ रहेगा

शादी एक लॉग टर्म पार्टनरशिप है। सारी सुविधों का दोनों मिलकर इस्तेमाल करते हैं, कोई भी जिंदगी से जुड़ा फ़ैसला भी सहमति से ही किया जाता है। एक-दूजे के प्रति सम्मान और प्रेम जताने का ये सबसे आसान तरीका है। जब किसी मामले में फ़ैसला करना होता है, तो जाहिर है राय अलग होती हैं। तब मन रखने के लिए किसी एक की बात नहीं मान लेते, बल्कि सोच-समझकर, बात करके किसी एक मत पर राजी होते हैं।
अपने साथी को अपनी पसंद-नापसंद बताएंपसंद है। हो सके तो उसका ध्यान रखें जैसे उसे जो अच्छा लगता हो  कभी-खभी उसकी खुशी के लिए वो सब भी करें। जैसे किसी को ठंडे शर्बत अच्छे लगते हैं, तो किसी को सनसेट  देखने छत पर बैठना। जब भी वक़्त मिले अपने पार्टनर को स्पेशल फील कराना न भूलें।
बस ऐसी ही कुछ बातें हैं, जिनहें अपनाकर आप अपने रिश्ते में एक नयापन, एक ताज़गी ला सकते हैं।